28 साल का इंतजार! 1991 में किया था आवेदन, अभी तक नहीं मिला सीवरेज क्नेक्शन

परिवार ने 1991 में क्नेक्शन के लिए अप्लाई किया था.
परिवार ने 1991 में क्नेक्शन के लिए अप्लाई किया था.

रविनगर वार्ड की पार्षद नेहा कुमारी का कहना है कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत प्रावधान किया गया है कि कोई भी व्यक्ति सीवरेज लाइन बिछाने में बाधा उत्पन्न नहीं कर सकता. उन्होंने कहा कि यह मामला नगर परिषद के ध्यान में आया है और जल्द ही अध्यक्षा के साथ इस बारे में विस्तृत चर्चा करके स्थायी समाधान निकाल लिया जाएगा.

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हिमाचल प्रदेश के मंडी शहर में एक परिवार बीते 28 वर्षों से शौच के लिए खुले आसमान के नीचे जाने को मजबूर है. 28 वर्ष पहले सीवरेज की लाइन बिछाने के लिए आवेदन किया था, लेकिन नगर परिषद और आईपीएच विभाग आज दिन तक इस परिवार को सीवरेज सुविधा के साथ नहीं जोड़ सके हैं.

यह मकान है मंडी शहर के वार्ड नंबर चार रविनगर में. कौशल्या देवी पत्नी स्व. प्रेम सिंह के परिवार में 5 सदस्य हैं. इस महिला के बेटी, दामाद और उनके बच्चे इसी के पास रहते हैं. सभी लोग सुबह उठकर शौच करने के लिए खड्ड किनारे जाते हैं. परिवार की सदस्य नीतू ने बताया कि वर्ष 1991 से सीवरेज क्नेक्शन के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन अभी तक इनके घर को इस सुविधा के साथ नहीं जोड़ा जा सका. इनका कहना है कि पड़ोस में जो मकान है वहां के लोग सीवरेज लाइन बिछाने में अडंगा डाल रहे हैं.

नगर परिषद और जिला प्रशासन को कई बार सूचित करने पर भी कोई समाधान नहीं निकल रहा है. नीतू ने बताया कि शौच करने के लिए पूरे परिवार को साथ लगती सुकोडी खड्ड में जाना पड़ता है. वहीं घर में बर्तन और कपड़े धोने के बाद निकलने वाला पानी खुले में ही बहाना पड़ता है, जिस कारण घर के पास गंदगी का आलम पसर गया है और परिवार का जीना दुश्वार हो गया है. इन्होंने जिला प्रशासन और नगर परिषद से इस समस्या के शीघ्र समाधान की गुहार लगाई है.



रविनगर वार्ड की पार्षद नेहा कुमारी का कहना है कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत प्रावधान किया गया है कि कोई भी व्यक्ति सीवरेज लाइन बिछाने में बाधा उत्पन्न नहीं कर सकता. उन्होंने कहा कि यह मामला नगर परिषद के ध्यान में आया है और जल्द ही अध्यक्षा के साथ इस बारे में विस्तृत चर्चा करके स्थायी समाधान निकाल लिया जाएगा.
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