हिमाचल के मंडी जिले को पोषण अभियान के लिए मिला राष्ट्रीय सम्मान

ऋग्वेद ठाकुर ने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्र फतोह की कार्यकर्ताओं ने आशा वर्कर्ज के साथ मिलकर इस वर्ष फरवरी से जून माह तक पांच माह की अवधि में पोषण अभियान के तहत क्षेत्र में सराहनीय काम किया और घरों में जा-जाकर पोषाहार का महत्व समझाया.

News18 Himachal Pradesh
Updated: August 23, 2019, 6:26 PM IST
हिमाचल के मंडी जिले को पोषण अभियान के लिए मिला राष्ट्रीय सम्मान
दिल्ली में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने जिला की महिलाओं को सम्मानित किया.
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Updated: August 23, 2019, 6:26 PM IST
हिमाचल के मंडी जिले को बेहतरीन काम के लिए एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है. इस-दफा पोषण अभियान के तहत उत्कृष्ट कार्य करने के लिए जिले के बाल विकास परियोजना एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार से नवाजा गया है. केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने शुक्रवार को दिल्ली में हुए एक कार्यक्रम में क्षेत्रीय क्रियाकलापों की श्रेणी में उत्कृष्ट कार्य के लिए बाल विकास परियोजना गोपालपुर के वृत खुडला के आंगनबाड़ी केन्द्र फतोह-1 की आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया.

ये बोले डीसी
डीसी ऋग्वेद ठाकुर ने बताया कि आंगनबाड़ी केन्द्र फतोह-1 की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मीरा देवी, आंगनबाड़ी सहायिका सिमरी देवी, आशा कार्यकर्ता गायत्री देवी, स्वास्थ्य कार्यकर्ता लीला धीमान एवं महिला पर्यवेक्षक सुमन कुमारी को पोषण अभियान के तहत बेहतरीन कार्य के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है. उन्होंने सम्मान पाने वाली कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि उनका काम अन्यों के लिए प्रेरणादायी होगा.

पोषण अभियान को सफल बनाया

बाल विकास परियोजना और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने क्षेत्रीय स्तर पर बेहतर तालमेल के साथ काम किया और पोषण अभियान को सफल बनाया. केंद्र सरकार ने पोषण अभियान में अनुकरणीय काम करने पर क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं पुरस्कृत किया है. ऋग्वेद ठाकुर ने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्र फतोह की कार्यकर्ताओं ने आशा वर्कर्ज के साथ मिलकर इस वर्ष फरवरी से जून माह तक पांच माह की अवधि में पोषण अभियान के तहत क्षेत्र में सराहनीय काम किया और घरों में जा-जाकर पोषाहार का महत्व समझाया.

यह होता है अभियान में
आंगनबाड़ी में माह के प्रत्येक दूसरे बुधवार को ग्रामीण स्वास्थ्य एवं पोषाहार दिवस मनाया गया और भी अनेक प्रयास किए गए हैं. इन प्रयासों का परिणाम है कि आज आंगनबाडी केन्द्र फतोह में कोई भी बच्चा गंभीर अथवा अल्प कुपोषित नहीं है तथा सभी बच्चे सामान्य वजन के हैं. महिला एवं बाल विकास विभाग मंडी के जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेंद्र तेगटा ने बताया कि आंगनबाडी केन्द्र फतोह में प्रत्येक माह 15 और 24 तारीख को समुदाय आधारित कार्यक्रम किए जाते हैं, जिसमें अन्नप्राशन, गोदभराई, सुपोषण दिवस जैसी गतिविधियां आयोजित की जाती हैं. इन गतिविधियों में सुरक्षित गर्भावस्था के लिए पौष्टिकता व स्वास्थ्य पðतियों पर गर्भवती महिला एवं उसके परिवार के प्रमुख सदस्यों को सलाह दी जाती है. गर्भावस्था के दौरान देखरेख की आवश्यकता पर महिला के परिवार के निकटवर्ती सदस्यों को जागरूक किया जाता है.
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जागरुकता पर होता है काम
महिलाओं को प्रसव पूर्व देखरेख (एएनसी) जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, जननी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना, मातृ शिशु सुरक्षा कार्ड के महत्व और बच्चों के जन्म पंजीकरण और प्रतिरक्षण सम्बन्ध जानकारी प्रदान की जाती है. गौरतलब है कि पोषण अभियान के तहत बच्चों में ठिगनापन, कमजोरी, कुपोषण एव रक्त अल्पत्ता दूर करने के लिए आंगनबाडी कार्यकर्ता, आंगनबाडी सहायिका, आशा कार्यकर्ता, एएनएम तथा आईसीडीएस पर्यवेक्षक एक कड़ी के रूप में कार्य करते हैं.

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First published: August 23, 2019, 5:41 PM IST
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