Home /News /himachal-pradesh /

मंडी की सियासतः फिर आमने सामने वीरभद्र और सुखराम परिवार, आश्रय शर्मा ने प्रतिभा सिंह पर किया पलटवार

मंडी की सियासतः फिर आमने सामने वीरभद्र और सुखराम परिवार, आश्रय शर्मा ने प्रतिभा सिंह पर किया पलटवार

25 जनवरी को मंडी के सराज हलके के बाखली में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभा सिंह ने पूर्व केंद्रीय मंत्री सुखराम के पोते आश्रय शर्मा को राजनीति में 'नौसिखिया’ कहा था.

25 जनवरी को मंडी के सराज हलके के बाखली में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभा सिंह ने पूर्व केंद्रीय मंत्री सुखराम के पोते आश्रय शर्मा को राजनीति में 'नौसिखिया’ कहा था.

Mandi Politics: मंडी संसदीय क्षेत्र की सांसद प्रतिभा सिंह के बयान से पंडित सुखराम व वीरभद्र सिंह परिवार के बीच रार एक बार फिर से बढ़ गई है. प्रदेश की जनता को उम्मीद थी कि पुरानी बातों को भुलाकर दोनों परिवार अब साथ खड़े दिखेंगे, लेकिन हकीकत कुछ और ही है. साल 1998 में वीरभद्र सिंह और सुखराम के रिश्तों में खटास के चलते ही पंडित सुखराम ने हिमाचल में नई पार्टी बनाई थी. तब से लेकर अब तक दोनों परिवारों में सियासी उठापटक जारी है.

अधिक पढ़ें ...

शिमला. हिमाचल प्रदेश में सियासत की बात जब भी होती है तो मंडी का जिक्र ना हो, यह मुमकिन नहीं है. अब फिर से मंडी की सियासत में गहमा-गहमा देखने को मिल रही है. कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे वीरभद्र सिंह का परिवार और मंडी का सुखराम परिवार एक बार फिर आमने सामने है. इससे पहले, दिवंगत वीरभद्र सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुखराम में 36 का आंकड़ा था, लेकिन अब उनकी अगली पीढ़ी भी आमने सामने है. मामला मंडी की सांसद प्रतिभा सिंह के बयान से शुरू हुआ और अब वार पलटवार का दौर शुरू हो गया है.

दरअसल, हाल ही में मंडी दौरे पर यहां की सांसद और पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह ने लोगों का आभार जताने के लिए जिले का दौरा किया. 25 जनवरी को मंडी के सराज हलके के बाखली में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभा सिंह ने पूर्व केंद्रीय मंत्री सुखराम के पोते आश्रय शर्मा को राजनीति में ‘नौसिखिया’ कहा और बोली कि 2019 के लोकसभा चुनाव में आनन-फानन में आश्रय शर्मा को टिकट दिया गया था. वह राजनीति में सक्रिय नहीं है और उस दौरान कार्यकर्ताओं ने भी चुनाव में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई थी. इस वजह से वह चार लाख से अधिक मतों से हार गए. वहीं, मंडी के सदर हलके में अपने कार्यक्रम के दौरान प्रतिभा सिंह ने वरिष्ठ नेता कौल सिंह ठाकुर की बेटी चंपा ठाकुर को टिकट का प्रबल दावेदार बताया. बता दे कि मंडी की सदर सीट से आश्रय शर्मा के पिता अनिल शर्मा भाजपा विधायक हैं. बीते चुनाव में यहां से चंपा ठाकुर को हार मिली थी.

परिवार में एक बार फिर से बढ़ी रार
मंडी संसदीय क्षेत्र की सांसद प्रतिभा सिंह के बयान से पंडित सुखराम व वीरभद्र सिंह परिवार के बीच रार एक बार फिर से बढ़ गई है. प्रदेश की जनता को उम्मीद थी कि पुरानी बातों को भुलाकर दोनों परिवार अब साथ खड़े दिखेंगे, लेकिन हकीकत कुछ और ही है. साल 1998 में वीरभद्र सिंह और सुखराम के रिश्तों में खटास के चलते ही पंडित सुखराम ने हिमाचल में नई पार्टी बनाई थी. तब से लेकर अब तक दोनों परिवारों में सियासी उठापटक जारी है.

आश्रय शर्मा और विक्रमादित्य सिंह ने सोशल मीडिया पर दिया बयान.

प्रतिभा के बयान पर आश्रय का जवाब
आश्रय शर्मा ने सांसद प्रतिभा सिंह का नाम लिए बगैर पलटवार करते हुए अपने फेसबुक पेज पर लिखा, ‘सबकी दुआ से कोरोना से लड़ाई लड़ रहा हूं. जल्द ही स्वस्थ होकर सबके बीच लौटूंगा, साल 2019 के लोकसभा चुनाव में जब बड़े-बड़े तथाकथित दिग्गज रण छोड़ कर भाग रहे थे, तब हमने ही सत्ता त्याग कर कांग्रेस से चुनाव लड़ा था. सही समय पर सही स्थान पर उचित जवाब दिया जाएगा.’
विक्रमादित्य सिंह की सफाई
मामले को लेकर अब सांसद प्रतिभा सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह ने भी सफाई दी है. सोशल मीडिया पर विक्रमादित्य सिंह ने लिखा कि प्रतिभा सिंह इस तथाकथित ब्यान का पूर्ण रूप से खंडन करती है जो एक अख़बार ने तोड़-मरोड़ कर पेश किया है. वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री और तीसरी बार सांसद होने के नाते वह इस बात को बहुत अच्छे तरीक़े से जानती है कि टिकट का आबंटन सेंट्रल इलेक्शन कमेटी करती है और किसी व्यक्ति विशेष द्वारा नहीं किया जाता है. प्रतिष्ठित अख़बार को इस तरीक़े की गैर जिम्मेदार रिपोर्टिंग से बचना चाहिए और मात्र सनसनी फैलाने के लिए ऐसी खबरों को छापने से परहेज़ करना चाहिए.

Tags: Himachal Politics, Himachal pradesh, Mandi news, Virbhadra singh

विज्ञापन
विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर