हिमाचल के CM जयराम ठाकुर और BJP विधायक अनिल शर्मा के बीच तनातनी! जानें वजह
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हिमाचल के CM जयराम ठाकुर और BJP विधायक अनिल शर्मा के बीच तनातनी! जानें वजह
मंडी में बैठक के दौरान सीएम जयराम और अनिल शर्मा.

अनिल शर्मा (Anil Sharma) इसी सरकार में पहले मंत्री थे, लेकिन लोकसभा चुनावों के दौरान उनके बेटे आश्रय शर्मा ने कांग्रेस पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा और अनिल शर्मा को मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा.

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मंडी. हिमाचल प्रदेश के सीएम जयराम ठाकुर (CM Jairam Thakur) गुरुवार को अपने गृह जिला मंडी (Mandi) पहुंचे थे. उन्होंने मंडी में विकास कार्यों की समीक्षा की. इस दौरान सीएम जयराम ठाकुर और मंडी (Mandi) के सदर से भाजपा विधायक अनिल शर्मा के बीच बैठक में तनातनी हो गई. बैठक में जिला के विधायकों और अधिकारियों को विशेष तौर से बुलाया गया था. अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की चर्चा करने के बाद सीएम जयराम ठाकुर ने विधायकों को अपनी बात रखने को कहा.

अनिल शर्मा ने उठाए ये सवाल
जानकारी के अनुसार, जब बारी सदर विधायक अनिल शर्मा की आई तो उन्होंने मंडी शहर और इसके आसपास जारी विकास कार्यों पर सवाल उठा दिए. मुख्यतः सवाल वर्क इन प्रोग्रेस को लेकर उठाए गए. अनिल शर्मा ने कहा कि जिन योजनाओं के शिलान्यास सीएम जयराम ठाकुर ने रखे हैं, उनके काम अभी तक शुरू नहीं हो पाए हैं और सभी योजनाओं के बारे में अधिकारी वर्क इन प्रोग्रेस का ही राग अलाप रहे हैं. वहीं, उन्होंने सुकोड़ी पुल के पास बनने वाली पार्किंग का मुद्दा प्रमुख रूप से उठाया कि इसका निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाया है.

अधिकारियों ने दिया जवाव
इस पर लोक निर्माण विभाग के उच्चाधिकारी ने जबाव दिया कि विकास कार्यों को लेकर पूरी गंभीरता से काम किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि पार्किंग वाले स्थान की अप्रूवल आने में देरी हुई, लेकिन बीते बुधवार ही उसकी अप्रूवल आई है, जिसके बाद अब कार्य शुरू कर दिया गया है. सीएम जयराम ठाकुर ने अनिल शर्मा पर तंज कसते हुए कहा कि स्थानीय प्रतिनिधि होने के नाते उनका भी यह फर्ज बनता है कि वह अपने क्षेत्र के विकास कार्यों की तरफ ध्यान दें और जहां कोई अड़चनें आ रही हैं उन्हें दूर करने में विभाग की मदद करें, तभी विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा सकेगा.



चार से पांच मिनट तक हुई तनातनी
बैठक में मौजूद सूत्रों के अनुसार करीब चार से पांच मिनट तक तनातनी वाला यह माहौल बना रहा और बाद में सीएम ने अगले विषय की चर्चा शुरू की, जिसके बाद माहौल शांत हो सका.

अब अनिल शर्मा विधायक जरूर, लेकिन
ज्ञात रहे कि अनिल शर्मा इसी सरकार में पहले मंत्री थे, लेकिन लोकसभा चुनावों के दौरान उनके बेटे आश्रय शर्मा ने कांग्रेस पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा और अनिल शर्मा को मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा. मौजूदा समय में अनिल शर्मा भाजपा के विधायक जरूर हैं, लेकिन सिर्फ कहने मात्र के लिए. पार्टी ने उनसे अपना नाता करीब-करीब पूरी तरह से तोड़ दिया है.
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