हिमाचल: पहले जेब से 12 लाख खर्चकर खरीदे उपकरण, फिर डॉक्टर ने किए ऑपरेशन

डा. उदय भानु राणा मूलतः मंडी जिला के सरकाघाट के रहने वाले हैं. इससे पहले वह आईजीएमसी शिमला में अपनी सेवाएं दे रहे थे. हाल ही में इन्हें सेवाएं देने के लिए जोनल हास्पिटल मंडी भेजा गया है.

Virender Bhardwaj | News18 Himachal Pradesh
Updated: July 11, 2019, 11:25 AM IST
हिमाचल: पहले जेब से 12 लाख खर्चकर खरीदे उपकरण, फिर डॉक्टर ने किए ऑपरेशन
मंडी जोनल अस्पताल में तैनात हैं डॉ. उदय भानु,.
Virender Bhardwaj
Virender Bhardwaj | News18 Himachal Pradesh
Updated: July 11, 2019, 11:25 AM IST
कहते हैं कि डॉक्टर भगवान का दूसरा रूप होते हैं. डॉक्टर चाहे तो मरीज के लिए क्या कुछ नहीं कर सकता. कुछ ऐसी ही मिसाल पेश की है जोनल हास्पिटल मंडी में तैनात गायनी स्पेशलिस्ट डा. उदय भानु राणा ने. डॉक्टर साहब ने अपनी जेब से 12 लाख खर्च करके लैपरोस्कोपिक उपकरण खरीदे और दो महिलाओं की सफल सर्जरी करके प्रदेश में इतिहास रच दिया. 35 वर्षीय डॉ. उदय भानु ने वह काम किया है, जिसे करने के लिए शायद बड़े जिगर की जरूरत होती है और इस कारण जोनल हास्पिटल मंडी इस वक्त सुर्खियां बटोर रहा है.

विभाग से भी कर रखी थी मांग
डॉ. उदय भानु अपनी जेब से 12 लाख खर्च करके लैपरोस्कोपिक उपकरण खरीदकर दो महिलाओं की दूरबीन से बिना टांके के यूटरस निकालने वाली सर्जरी करके नया इतिहास रच दिया. इस सर्जरी में डॉ. संदीप राठौर ने भी अपना अहम योगदान दिया. डॉ. उदय भानु और संदीप भी गायनी स्पेशलिस्ट हैं और जोनल हास्पिटल मंडी में ही तैनात हैं, डॉ. उदय भानु. उदय और डॉ. उदय भानु. संदीप ने दूरबीन से बिना टांके के यूटरस निकालने की सर्जरी की ट्रेनिंग ले रखी है। डा. उदय ने इस विधि से सर्जरी करने के लिए लैपरोस्कोपिक उपकरण विभाग के माध्यम से सरकार से भी मांग रखे हैं, लेकिन सरकार द्वारा खरीद करने में देरी होने के कारण उन्होंने अपनी जेब से ही 12 लाख खर्च करके यह उपकरण खरीद डाले.

सरकारी अस्पताल में नहीं हुआ ऐसा ऑपरेशन

इन उपकरणों को उन्होंने जोनल हास्पिटल मंडी के आपरेशन थिएटर में ही रखा है. उपकरण खरीदने के बाद उन्होंने हास्पिटल में आपरेशन करवाने आई दो महिलाओं पर इसका उपयोग करके दो सफल आपरेशन भी कर डाले. डा. उदय ने बताया कि प्रदेश में इससे पहले कभी लैपरोस्कोपिक हिस्टेरेक्टामी सर्जरी यानी दूरबीन से बिना टांके के यूटरस निकलने की सर्जरी नहीं हुई है. प्रदेश से बाहर कुछ निजी अस्पतालों में इस आपरेशन के 1 से 2 लाख रुपये चार्ज किए जाते हैं. उन्होंने बताया कि आपरेशन से मरीज को छोटा सा चीरा लगाया जाता है जिससे शरीर से खून भी कम निकलता है और दर्द भी कम होता है तथा मरीज को जल्दी ही छुट्टी भी दे दी जाती है.

सरकाघाट से हैं डॉ. भानु
डा. उदय भानु राणा मूलतः मंडी जिला के सरकाघाट के रहने वाले हैं. इससे पहले वह आईजीएमसी शिमला में अपनी सेवाएं दे रहे थे. हाल ही में इन्हें सेवाएं देने के लिए जोनल हास्पिटल मंडी भेजा गया है. डा. उदय भानु बताते हैं कि उपकरणों की खरीद में इन्हें परिवार का भी पूरा सहयोग मिला. परिवार ने भी आर्थिक रूप से उनकी मदद की और उसी कारण आज वह इन उपकरणों को खरीदकर लोगों को आधुनिक तकनीक की सेवाएं दे पा रहे हैं. डा. उदय भानु राणा ने जेब से लाखों खर्च करके जो आधुनिक उपकरण खरीदे, उससे इन्होंने एक नई मिसाल पेश की है. उम्मीद की जानी चाहिए कि डा. उदय भानु भावी डॉक्टरों के लिए एक प्रेरणा स्त्रोत बनकर उभरेंगे.
Loading...

ये भी पढ़ें: CM का दिल्ली दौरा: तीन कंपनियों से हुआ 1000 करोड़ का MOU

बीपीएल से नाम हटाने पर ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

शिमला:बंद हुआ ये रेस्तरां, यहां गुलाब जामुन खाने आते थे मोदी

जंगल से मिली लापता युवक की लाश, एक माह पहले हुई थी शादी

श्रीखंड महादेव: पार्वती बाग से आगे भक्तों की ‘अग्नि परीक्षा’

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मंडी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: July 11, 2019, 9:12 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...