हिमाचल में भूस्खलन ने मचाई तबाही, मरने वालों की संख्या बढ़कर हुई 46

Virender Bhardwaj | News18Hindi
Updated: August 13, 2017, 11:40 PM IST
हिमाचल में भूस्खलन ने मचाई तबाही, मरने वालों की संख्या बढ़कर हुई 46
लैंड स्लाइड के बाद राहत एवं बचाव कार्य में जुटे सेना के जवान
Virender Bhardwaj | News18Hindi
Updated: August 13, 2017, 11:40 PM IST
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में रविवार को लैंड स्लाइडिंग की एक दुखद घटना में करीब 46 लोगों की मौत हो गई. इस घटना में सड़क का 150 मीटर से अधिक हिस्सा धंस गया, कई घर, दो बसें और कुछ अन्य वाहन मलबे में दफन हो गए.

हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन ने बड़ी तबाही मचाई है. मंडी के पधर में भूस्खलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर 46 हो गई है. जानकारी के मुताबिक एचआरटीसी की बस में मौजूद सभी शवों को बरामद कर लिया गया है.

यह घटना शनिवार-रविवार की दरमियानी रात की है. रात में रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया गया है. सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि दिनभर चले बचाव अभियान में 46 शव बरामद किए गए और पांच घायलों को बचाया गया.






प्रवक्ता ने कहा कि हमारा मानना है कि अधिकांश शव बरामद कर लिए गए हैं. रात को बचाव अभियान रोक दिया गया है, क्योंकि वहां जमीन धंसने की और भी घटना की आशंका है. लेकिन सुबह बचाव अभियान फिर से शुरू हो जाएगा. उन्होंने कहा कि 23 शवों की पहचान अभी नहीं हो पाई है. एक बाइक सवार का शव भी मलबे से निकाल लिया गया है.

हादसे के बाद घटनास्थल पर अधिकारियों से जानकारी लेते मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह


आखिरी शव की तलाश तक सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा

हादसे की सूचना मिलते ही सीएम वीरभद्र सिंह भी कोटरूपी गांव पहुंच गए. इस दौरान सीएम वीरभद्र सिंह ने प्रभावितों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया. उन्होंने कहा कि आखिरी शव की तलाश तक सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा. सीएम वीरभद्र सिंह के साथ परिवहन मंत्री जीएस बाली, स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर और ग्रामीण विकास मंत्री अनिल शर्मा सहित अन्य कैबिनेट मंत्री भी मौजूद रहे. सीएम वीरभद्र सिंह ने राहत कार्यों पर संतोष जताया और इस हादसे पर दुख प्रकट किया.

मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए मुआवजे की घोषणा

सीएम ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक परिस्थिति इस प्रकार की है कि यहां पर आए दिन इस प्रकार के हादसे होते रहते हैं, लेकिन यह हादसा अब तक का सबसे बड़ा हादसा है. सीएम ने कहा कि बचाव कार्य में कोई कोताही नहीं बरती जा रही है और आखिरी शव की तलाश तक सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा. उन्होंने बताया कि पहाड़ी के दरकने का पता लगाने के लिए जियोलॉजिकल विभाग के विशेषज्ञों को यहां सर्वेक्षण के लिए भेजा जाएगा. वहीं उन्होंने पीड़ित परिवारों को सरकार की तरफ से हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया और मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की राशि देने का ऐलान किया.

वहीं नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार ने भी किया गांव का दौरा किया. प्रो. धूमल ने कहा कि इस प्रकार के हादसों के कारण जो जख्म मिलते हैं उन्हें कभी नहीं भरा जा सकता. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से राज्य सरकार को जो भी सहायता चाहिए होगी, वह मुहैया करवाई जाएगी. वहीं उन्होंने प्रदेश के नूरपूर में एनडीआरएफ की यूनिट न होने पर भी चिंता जताई.

हालांकि, प्रशासन ने अभी तक 12 मृतकों की लिस्ट जारी कर दी है. ये हैं- सुरुचि ठाकुर, नेहा, विनोद कुमार, सुरेश कुमार, बाबू राम, पवन कुमार, खूब राम, करतार चंद, सुभाष सिंह, सागर सिंह, अजय और  मंदीप सिंह.



प्रशासन ने कसी कमर
बता दें कि रात को एक बजे पद्धर उपमंडल के कोटरूपी के पास भारी भूस्खलन हुआ. इसमें दो बसें, कई घर और कुछ अन्य वाहनों के चपेट में आने की खबर थी. हादसे की जानकारी मिलते ही डीसी मंडी संदीप कदम बचाव दल के साथ मौके पर पहुंच गए.

प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से ट्वीट कर हिमाचल के मंडी भूस्खलन हादसे में हुई मौतों पर शोक संवेदना व्यक्त की गई है.

पीएमओ ने एक ट्वीट में कहा, "हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में भूस्खलन से संबंधित घटनाओं के कारण हुई मौतों से पीड़ा हुई. मृतकों के परिजनों के प्रति मेरी शोक संवेदना."







एक बस के ऊपर से मलबा हटाया जा चुका है. दूसरी बस करीब 800 मीटर खाई में गिरी हुई है. 6 घायल यात्रियों का पद्धर अस्पताल में इलाज चल रहा था. राहत एवं बचाव कार्य के लिए सेना और एनडीआरफ की टीमें भी बुलाई गई हैं.

भूस्खलन की वजह से हाईवे पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप है. वहीं, मनाली-चंडीगढ़ हाईवे को एहतियातन पर बंद कर दिया गया है.

मंडी प्रशासन ने 01905-226201, 226202, 226203 और 226204 हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं. NH-21 को मंडी से कुल्लू तक बंद किया गया है. कुल्लू के लिए वाया कटोला-कमांद होकर सभी गाड़ियां जा रही हैं.

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First published: August 13, 2017
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