स्थायी नौकरी के लिए सड़क पर उतरे Mid Day Meal वर्कर, कहा- 'साल में 10 महीने का मिलता है वेतन'

Virender Bhardwaj | News18 Himachal Pradesh
Updated: September 5, 2019, 12:37 PM IST
स्थायी नौकरी के लिए सड़क पर उतरे Mid Day Meal वर्कर, कहा- 'साल में 10 महीने का मिलता है वेतन'
सरकारी कर्मचारी के दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर सड़क पर उतरें मिड-डे-मिल वर्कर.

मिड डे मील वर्कर हुक्कू देवी ने बताया कि वह बीते 15 वर्षों से महज 33 रुपए दिहाड़ी पर अपनी सेवाएं दे रही हैं जबकि महंगाई के इस दौर में इतने कम वेतन में गुजारा कर पाना संभव नहीं है.

  • Share this:
मंडी. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के मंडी (Mandi) जिले में अपनी मांगों को लेकर बुधवार को एक बार फिर मिड डे मील वर्कर (Mid Day Meal Worker) सड़कों पर उतरे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

सरकार को भेजा मांगपत्र

मंडी शहर में धरना प्रदर्शन करने के बाद मिड डे मील वर्करों ने जिला प्रशासन के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकारों को मांगपत्र भेजे हैं. इनकी प्रमुख मांग है कि मिड डे मील वर्करों के लिए पाॅलिसी बनाकर इन्हें नियमित किया जाए.

इतने कम वेतन में नहीं होता गुजारा

मिड डे मील वर्कर हुक्कू देवी ने बताया कि वह बीते 15 वर्षों से महज 33 रुपए दिहाड़ी (Day wage) पर अपनी सेवाएं दे रही हैं जबकि महंगाई (Inflation) के इस दौर में इतने कम वेतन में गुजारा कर पाना संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने एक साल पहले उनके वेतन में एक हजार रुपए की बढ़ोतरी करने का आश्वासन (Assurance) दिया था, लेकिन इस बात को लेकर आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका.

सरकारी नौकरी-government job
मिड डे मील वर्करों ने कहा कि इतने कम वेतन में गुजारा नहीं होता.


12 माह में से सिर्फ 10 महीने का मिलता है वेतन
Loading...

हुक्कू देवी की मानें तो उन्हें 12 माह में से सिर्फ 10 महीने का ही वेतन दिया जाता है. उन्होंने कहा कि अन्य किसी भी प्रकार की सुविधाएं मिड डे मील के कर्मचारियों को नहीं दी जा रही है. सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) Center of Indian Trade Union (CITU) के बैनर तले हुए इस विरोध प्रदर्शन में जिले भर से कई मिड डे मील वर्करों ने हिस्सा लिया.

मांग नहीं मानने पर दी ये चेतवानी

सीटू के जिला सचिव गुरदास वर्मा (Gurdas Verma) ने सरकार को चेतावनी (Warning) देते हुए कहा है कि अगर मिड डे मील वर्करों की जायज मांगों को नहीं माना गया तो फिर वे आने वाले समय में आंदोलन और तेज करने पर मजबूर हो जाएंगे, जिसकी जिम्मेदार सरकार होगी.

ये भी पढ़ें:- भत्ता मामला: मंत्री-विधायकों के लिए मांगी भीख, CM रिलीफ फंड में जमा होगा पैसा

विजिलेंस ने कांगड़ा में रिश्वत लेते रिटायर्ड कानूनगो किया गिरफ्तार

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मंडी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 5, 2019, 10:42 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...