मंडी: कुश्ती में नेशनल खेल चुके रेसलर अजय और राकेश बेच रहा गन्ने का जूस, NH किनारे लगाया ठेला
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मंडी: कुश्ती में नेशनल खेल चुके रेसलर अजय और राकेश बेच रहा गन्ने का जूस, NH किनारे लगाया ठेला
मंडी में हाईवे किनारे जूस बचते दोनों खिलाड़ी.

Corona virus in Himachal: हिमाचल प्रदेश सरकार में खेल मंत्री राकेश पठानिया ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है. अगर खिलाड़ी पात्र होगा तो उसे हरसंभव मदद दी जाएगी.

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  • Last Updated: September 1, 2020, 2:06 PM IST
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सुंदरनगर (मंडी). वैश्विक महामारी कोरोना (Corona virus) की वजह से हर किसी को परेशानी झेलनी पड़ रही है. कुछ तो इतने मजबूर हैं कि उन्हें अब अपना भविष्य तक धुंधला नजर आने लगा है. इनमें कुछ ऐसे भी लोग हैं, जो आगे चलकर देश का नाम रोशन करने का सुनहरा सपना तक संजोये हुए हैं और इसके लिए कड़ी मेहनत भी करते रहे हैं, लेकिन कोरोना ने आर्थिक तौर पर ऐसी कमर तोड़ी कि अब वो सुनहरा सपना भी इन्हें डराने लगा है. ऐसे ही बेरोजगारी से जूझ रहे जिला मंडी (Mandi) के नेशनल रेसलर (Wrestler) अजय और राकेश हैं. अजय पांच बार नेशनल खेल कर घर में बेरोजगार हैं तो राकेश तीन बार नेशनल लेवल पर कुश्ती (Wrestling) में प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया.

हाईवे किनारे लगाया ठेला

अब दोनों नेशनल हाईवे-21 के किनारे सुंदरनगर में गन्ने का रस बेच परिवार का गुजारा कर रहा है. दोनों खिलाड़ियों ने कहा कि आईटीआई डिप्लोमा करने के बावजूद बिजली विभाग में खिलाड़ियों के लिए 3 प्रतिशत कोटे के तहत लाइनमैन और अन्य पदों भरे पर कुश्ती और बॉक्सिंग व जूडो खिलाड़ियों को योग्य करार नहीं दिया जा रहा है. इस समस्या को लेकर दोनों खिलाड़ी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर से भी फरियाद लगा चुके हैं, लेकिन आज दिन तक इन दोनों खिलाड़ियों को मात्र कोरे आश्वासन के सिवा और कुछ भी नहीं हाथ लगा है.  राकेश और अजय कुमार ने कुश्ती के साथ अन्य खेलों को बिजली विभाग में शामिल किया जाने की मांग की है. इन दिनों राकेश सुंदरनगर में नेशनल हाईवे 21 के किनारे गन्ने का जूस बेचकर परिवार का गुजारा कर रहा है तो वही अजय कुमार भी बेरोजगार हैं.



ग्रेजुएट भी हैं राकेश
मंडी जिला के उपमंडल सुंदरनगर के गांव तलवाली निवासी 31 वर्षीय नेशनल खिलाड़ी राकेश कुमार ने कहा कि वे कला स्नातक हैं और वर्ष 2018 में आईटीआई इलेक्ट्रिशियन डिप्लोमा भी किया है. बिजली विभाग में खिलाड़ियों के लिए 3 प्रतिशत कोटे के तहत लाइनमैन और अन्य पद भरे जाने हैं। लेकिन इसमें कुश्ती, बॉक्सिंग, जूडो आदि खेलों के खिलाड़ियों को योग्य करार नहीं दिया जा रहा है. मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और पूर्व खेल मंत्री माननीय गोविंद ठाकुर के समक्ष भी हमने दो-तीन बार मांग रखी थी. उन्होंने मांग की है कि जल्द से जल्द कुश्ती खेलों के साथ अन्य खेलों को बिजली विभाग में शामिल किया जाए.

पिता किसान माता गृहिणी

राकेश अविवाहित हैं और उनके पिता किसान और माता ग्रहणी हैं और राकेश रोजी रोटी के लिए हाईवे किनारे गन्ने का जूस बेच कर परिवार का गुजारा कर रहा है. जिला मंडी के बल्ह उपमंडल के लोहारा गांव के 31 वर्षीय कुश्ती खिलाड़ी अजय कुमार ने कहा कि पिछले लंबे समय से कुश्ती खेल में हिमाचल प्रदेश का नेतृत्व कर रहे हैं और अभी मौजूदा समय में 5 नेशनल खेल चुके हैं. उन्होंने कहा कि कोरोना काल के बीच हम लोग घर पर बेरोजगार बैठे हैं और परिवार की रोजी रोटी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है. अजय की पत्नी ग्रहणी हैं और उनका 7 माह की एक बेटी भी है. पिता सीआईएसएफ से सेवानिवृत्त और माता ग्रहणी है.

क्या बोले मंत्री पठानिया

हिमाचल प्रदेश सरकार में खेल मंत्री राकेश पठानिया ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है. अगर खिलाड़ी पात्र होगा तो उसे सरकार की ओर से हरसंभव मदद की जाएगी. उन्होंने कहा कि 3 प्रतिशत कोटे के साथ अब खेल मंत्रालय प्रदेश में नई खेल नीति भी लेकर आ रही है. इन सभी पहुलओं को ध्यान में रखा जा है. राकेश पठानिया ने कहा कि गाइडलाइंस भारत सरकार से आती है और इसको लेकर केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने सहायता करने का पूरा आश्वासन दिया है.
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