दिव्यांगता प्रमाण पत्र के लिए करना होगा ऑनलाइन आवेदन

दिव्यांग व्यक्ति को मिलेगा यूनिक डिसेबिलिटी आई कार्ड

दिव्यांग व्यक्ति को मिलेगा यूनिक डिसेबिलिटी आई कार्ड

ऑनलाइन आवेदन करने के बाद मेडिकल बोर्ड (Medical Board) की तारीख आवेदक को दी जाएगी और उस दिन आवेदक को बोर्ड के समक्ष पेश होकर अपना मेडिकल परीक्षण करवाना होगा. डॉक्टर भी ऑनलाइन ही व्यक्ति की बीमारियों का सारा हवाला देगा और उसी आधार पर दिव्यांगता का प्रमाण पत्र (Disability certificate) जारी किया जाएगा.

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मंडी. दिव्यांगता प्रमाण पत्र (Disability certificate) बनवाने के लिए अब ऑनलाइन आवेदन करना पड़ेगा. भारत सरकार (Government of India) ने अब दिव्यांगता के प्रमाण पत्र ऑनलाइन बनाने का कार्य शुरू कर दिया है. जोनल हॉस्पिटल मंडी (Zonal Hospital Mandi) में भी अब ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इससे पहले आवेदक को अस्पताल जाकर आवेदन करना पड़ता था, लेकिन अब इस झंझट से छुटकारा मिलने वाला है. जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश ठाकुर ने बताया कि दिव्यांगता प्रमाण पत्र के लिए आवेदक को नजदीकी लोकमित्र केंद्र (Lokmitra Kendra) या फिर कॉमन सर्विस

सेंटर (Common Service Center) से ऑनलाइन आवेदन करना होगा. आवेदक चाहे तो खुद भी भारत सरकार की वेबसाइट 'स्वावलंबन कार्ड' पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकता है.



मेडिकल परीक्षण करवाना होगा



ऑनलाइन आवेदन करने के बाद मेडिकल बोर्ड की तारीख आवेदक को दी जाएगी और उस दिन आवेदक को बोर्ड के समक्ष पेश होकर अपना मेडिकल परीक्षण करवाना होगा. डॉक्टर भी ऑनलाइन ही व्यक्ति की बीमारियों का सारा हवाला देगा और उसी आधार पर दिव्यांगता का प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा. हाथ से लिखकर दिए प्रमाण पत्र मान्य नहीं होंगे. कम्प्यूटर द्वारा प्रिंट किए गए प्रमाण पत्र ही स्वीकार्य माने जाएंगे. वहीं दिव्यांग व्यक्ति को एक यूडीआईडी यानी यूनिक डिसेबिलिटी आई कार्ड भी दिया जाएगा.
यह कार्ड देश भर में मान्य होगा और इसी आधार पर दिव्यांग व्यक्ति की पहचान होगी और वह सरकारी सुविधाओं का लाभ उठा पाएगा.





स्वास्थ्य विभाग ने ऑनलाइन दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने का कार्य शुरू किया.




पुराने प्रमाण पत्र मान्य नहीं होंगे



डॉ. दिनेश ठाकुर ने बताया कि जिन दिव्यांगों को पहले से प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं, उन्हें भी अपने प्रमाण पत्रों को रिन्यू करवाना पड़ेगा. उन्हें अब कम्प्यूटर द्वारा प्रिंटेड प्रमाण पत्र दिए जाएंगे और यूडीआईडी नंबर जारी किया जाएगा. इसके लिए भी दिव्यांगों को ऑनलाइन ही आवेदन करना होगा और उसी के तहत उन्हें नए प्रमाण पत्र जारी होंगे. उन्होंने बताया कि कुछ समय के बाद पुराने प्रमाण पत्र मान्य नहीं होंगे, इसलिए सभी आवेदक समय रहते अपने पुराने प्रमाण पत्रों का नवीनीकरण करवा लें.



बता दें कि भारत सरकार दिव्यांगों को एक नई पहचान देने और इस प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए यह कार्य कर रही है. ऑनलाइन प्रक्रिया से देश भर में दिव्यांगों का एक डाटा तैयार हो जाएगा और उसी आधार पर सरकार इस वर्ग के लिए भविष्य में योजनाएं और कार्यक्रम तय करेगी.



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