पंजाब के पूर्व DGP सुमेध सिंह सैनी की तलाश में शिमला और मंडी में छापेमारी
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पंजाब के पूर्व DGP सुमेध सिंह सैनी की तलाश में शिमला और मंडी में छापेमारी
मंडी के सुंदरनगर में छापेमारी की गई है.

Punjab Police Raid in Mandi: यह मामला तब का है जब सुमेध सिंह सैनी चंडीगढ़ (Chandigarh) के एसएसपी थे. मुल्तानी को सुमेध सिंह सैनी पर चंडीगढ़ (Chandigarh) में हुए आतंकी हमले के बाद पकड़ा गया था.

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मंडी/शिमला. पंजाब के पूर्व डीजीपी (DGP) सुमेध सिंह सैनी पर हत्या (Murder) का मुकदमा दर्ज होने के बाद पंजाब पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी की कवायद तेज कर दी है. पंजाब पुलिस (Punjab Police) की टीमें सुमेध सिंह सैनी के सभी ठिकानों पर छापेमारी के लिए जुट गई हैं. इसी कड़ी में शुक्रवार को मंडी (Mandi) जिला के सुंदरनगर उपमंडल के तहत आने वाले जंखरी गांव स्थित उनके फार्म हाउस पर पंजाब पुलिस (Police) की टीम ने छापेमारी की. सुबह सवेरे पंजाब पुलिस (Punjab) की टीम यहां स्थित फार्म हाउस पहुंची और पूरे फार्म हाउस (Farm House) को खंगाल डाला, लेकिन सूमेध सिंह सैनी (Sumed Singh Saine) पुलिस को यहां नहीं मिला. काफी देर तक यहां रूकने और कुछ स्थानीय लोगों से बातचीत करने के बाद पंजाब पुलिस की यह टीम वापिस लौट गई है. बताया जा रहा है हिमाचल प्रदेश स्थित पूर्व डीजीपी के अन्य ठीकानों पर भी पुलिस छापेमारी करके उन्हें तलाश कर रही है. इसके अलावा, शिमला में कलस्टन में भी छापेमारी की जा रही है. बता दें कि कलस्टन में काफी संख्या में फ्लैट्स हैं. आरकेएमबी क़ॉलेज के पास स्थित कलस्टन के पास पुलिस भी मौजूद है.

सुंदरनगर में है फार्म हाउस

बता दें कि सुंदरनगर उपमंडल के तहत आने वाले निहरी क्षेत्र के जंखरी गांव में पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह गोयल का फार्म हाउस है. वह बीच-बीच में यहां पर आते रहते हैं. इसी इनपुट के आधार पर पंजाब पुलिस की टीम ने यह छापेमारी की है, लेकिन पंजाब पुलिस की इस छापेमारी के बारे में मंडी जिला पुलिस को कोई जानकारी नहीं थी. एसपी मंडी शालिनी अग्निहोत्री ने बताया कि उन्हें इस संदर्भ में कोई जानकारी पंजाब पुलिस या अन्य किसी से प्राप्त नहीं हुई है.



यह है पूरा मामला
पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी, यूटी पुलिस के एक रिटायर्ड एसपी बलदेव सिंह, दिवंगत डीएसपी सतबीर सिंह, रिटायर्ड इंस्पेक्टर हरसहाय, अनोख सिंह, जगीर सिंह और अन्यों के खिलाफ मटौर पुलिस थाने में अपहरण और अन्य धाराओं के तहत 6 मई को मामला दर्ज किया गया था. यह मामला तब का है जब सुमेध सिंह सैनी चंडीगढ़ के एसएसपी थे. मुल्तानी को सुमेध सिंह सैनी पर चंडीगढ़ में हुए आतंकी हमले के बाद पकड़ा गया था. हमले में सैनी की सुरक्षा में तैनात चार पुलिकर्मी मारे गए थे. आरोप है कि 1991 में सैनी की हत्या के विफल प्रयास के बाद पुलिस ने मुल्तानी को गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तारी के बाद बलवंत सिंह को जेल मे टार्चर किया गया, फिर बताया गया कि बलवंत की गिरफ्त से भाग गया.

पुलिस टॉर्चर में मौत

वहीं परिजनों का कहना था कि बलवंत की पुलिस टॉर्चर से मौत हो गई थी. 2008 में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों पर चंडीगढ़ सीबीआई ने इस मामले में प्रीलिमनरी इंक्वायरी शुरू की, जिसके बाद 2008 में सीबीआई ने सैणी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया. इसके बाद पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी, यूटी पुलिस के एक रिटायर्ड एसपी बलदेव सिंह, दिवंगत डीएसपी सतबीर सिंह, रिटायर्ड इंस्पेक्टर हरसहाय, अनोख सिंह, जगीर सिंह और अन्यों के खिलाफ मटौर पुलिस थाने में अपहरण और अन्य धाराओं के तहत 6 मई को मामला दर्ज किया गया था.

बीते माह हुआ था मामला दर्ज

इसके बाद अब नए फैक्ट्स पर पंजाब पुलिस ने पिछले महीने 7 मई को सैणी के खिलाफ आईपीसी की धारा 364 (अपहरण या हत्या के लिए अपहरण), 201 (साक्ष्य मिटाने के कारण), 344 (गलत तरीके से कारावास), 330 और 120बी (आपराधिक साजिश रचना) के तहत केस दर्ज किया था. अब इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत भी मामला दर्ज कर लिया गया है, जिसके बाद पुलिस अब सुमेध सिंह सैनी की गिरफ्तारी के लिए उनकी तलाश में है.
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