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रिवालसर में पूरी हुई लामा वांगडोर रिम्पोछे की समाधि, अब होगा दाह संस्कार

रिवालसर में पूरी हुई लामा वांगडोर रिम्पोछे की समाधि, अब होगा दाह संस्कार


मंडी के रिवालसर में जिगर बौद्ध मंदिर के प्रमुख लामा वांगडोर रिम्पोछे 18 सितंबर 2019 की रात को मौत हो गई.

मंडी के रिवालसर में जिगर बौद्ध मंदिर के प्रमुख लामा वांगडोर रिम्पोछे 18 सितंबर 2019 की रात को मौत हो गई.

Rewalsar Monastery: बीते 25 सितंबर को जब मृत देह से इस बात के संकेत मिले कि अब लामा रिम्पोछे ने शरीर को छोड़ दिया है तो इसे ताबूत में डालकर मंदिर के बीच रखा गया. बताया जा रहा है कि मृत शरीर को सहेजने के लिए उसे ताबूत में नमक डालकर रखा गया है.

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मंडी. देह त्यागने के बाद करीब एक सप्ताह तक समाधि (Mummy) में लीन रहे लामा वांगडोर रिम्पोछे की समाधि अब पूरी हो गई है. समाधि पूरी होने के बाद उनकी मृत देह को ताबूत में रखकर रिवालसर (Rewalsar) के प्रसिद्ध जिगर बौद्ध मंदिर में रखा गया है.

इस मंदिर में दर्जनों बौद्ध गुरु एक साथ बैठकर दिन रात पूजा-पाठ कर रहे हैं. लामा वांगडोर रिम्पोछे का दाह संस्कार 6 नवंबर को इसी मंदिर परिसर में किया जाएगा. दाह संस्कार से पहले विशाल हवन पाठ आयोजित होगा और उसी दौरान मृत देह को अग्नि के हवाले किया जाएगा. जहां पर लामा रिम्पोछे का दाह संस्कार होगा, उस स्थान पर उनका स्तूपा भी बनाया जाएगा.

 प्रत्यक्ष रूप से इसे देखने पर ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे लामा गहरी नींद में सो रहे हैं और अभी उठकर बात करने लग जाएंगे. शरीर को उसी अवस्था में रखकर बौद्ध अनुयायियों ने अपने रीति-रिवाजों के तहत पूजा -पाठ करना शुरू कर दिया है.
रिवालसर में समाधि के दौरान लामा. (FILE PHOTO)


यह है मामला
मंडी (Mandi) के रिवालसर में जिगर बौद्ध मंदिर के प्रमुख लामा वांगडोर रिम्पोछे 18 सितंबर 2019 की रात को मौत हो गई. लेकिन उनका मृत शरीर एक सप्ताह तक पूरी तरह से सुरक्षित रहा. बौद्ध धर्म के अनुसार, लामा रिम्पोछे समाधि में चले गए थे, जिसे थुक्दम कहा जाता है. एक सप्ताह तक मृत देह को उसी कमरे में रखा गया था, जहां पर लामा रिम्पोछे रहते थे. यहां सैंकड़ों बौद्ध अनुयायियों ने उनके दर्शन किए.

मिल गया संकेत
बीते 25 सितंबर को जब मृत देह से इस बात के संकेत मिले कि अब लामा रिम्पोछे ने शरीर को छोड़ दिया है तो इसे ताबूत में डालकर मंदिर के बीच रखा गया. बताया जा रहा है कि मृत शरीर को सहेजने के लिए उसे ताबूत में नमक डालकर रखा गया है.

यह बोले जिगर बौद्ध मंदिर के सचिव
जिगर बौद्ध मंदिर रिवालसर के सचिव थुपतिन हारा ने समाधि पूरी होने की पुष्टि करते हुए बताया कि लामा वांगडोर रिम्पोछे का दाह संस्कार 6 नवंबर को मंदिर परिसर में ही किया जाएगा और उसी स्थान पर लामा का स्तूपा बनाया जाएगा. तब तक मंदिर में पूजा-पाठ का सिलसिला जारी रहेगा.

Tags: Mandi, Mandi news

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