Sarkaghat HRTC Driver Death: घर में दवा लाने का इंतजार करती रही मां, लौटा बेटे का शव

Hrtc ड्राइवर श्याम लाल. (FILE PHOTO)

Hrtc ड्राइवर श्याम लाल. (FILE PHOTO)

Sakaghat HRTC Driver Death: श्यामलाल के घर में 88 वर्षीय मां प्रकाशो देवी हैं. इसके अलावा पत्नी अंजना देवी, एक बेटा और एक बेटी हैं. श्यामलाल अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सहारा थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 11, 2021, 9:22 AM IST
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सरकाघाट (मंडी). मां अपने बेटे का इंतजार कर रही थी, लेकिन उन्‍हें क्या मालूम था कि बेटा नहीं, बल्कि उनका शव घर पहुंचेगा. मामला हिमाचल के मंडी जिले का है. दरअसल, एचआरटीसी (HRTC) की चलती बस में ड्राइवर की हार्ट अटैक (Heart Attack) आने के बाद मौत हो गई. घर पर मां दवाओं का इंतजार कर रही थी और ड्राइवर श्यामलाल मां से कह कर गया था कि अब वह अगले सप्ताह घर लौटेगा और उनकी दवा भी लेकर आएगा. लेकिन, मां अब अपने लाल से कभी नहीं मिल पाएंगी.

बेटे की मौत के बाद से मां प्रकाशो देवी बेसुध हैं. पत्नी अंजना और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है. 35 लोगों की जान बचाकर जान गंवाने वाले दमसेड़ा निवासी 43 वर्षीय श्यामलाल के घर और गांव में मातम है. किसी को यकीन नहीं कि श्यामलाल उनके बीच नहीं है. श्यामलाल को कभी दिल की बीमारी की कोई शिकायत नहीं हुई थी. वह हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के सरकाघाट डिपो में तैनात थे और ड्यूटी के पाबंद थे.

क्या हुआ था?

मंगलवार को रोस्सो-अवाहदेवी रूट पर श्यामलाल बस लेकर जा रहे थे. रास्ते में सधोट के पास उनकी तबीयत खराब हो गई और 35 सवारियों को सकुशल उताकर स्टेयरिग पर ही दम तोड़ दिया. इस दौरान उन्होंने दर्द उठते ही सभी सवारियों को बस से उतर जाने को कहा. बाद में अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.
घर पर कौन-कौन?

श्यामलाल के घर में 88 वर्षीय मां प्रकाशो देवी हैं. इसके अलावा, 35 वर्षीय पत्नी अंजना देवी, एक बेटा और एक बेटी हैं. श्यामलाल अपने परिवार का एकमात्र रोजीरोटी कमाने वाला सहारा थे.
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