सरकाघाट अग्निकांड: पिता को षड़यंत्र की आशंका, कहा-पति को दी थी आग लगने की जानकारी
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सरकाघाट अग्निकांड: पिता को षड़यंत्र की आशंका, कहा-पति को दी थी आग लगने की जानकारी
सरकाघाट के गाहर पंचायत में लगी आग. (file photo)

गुरुवार को महिला और उसके दोनों बच्चों को गांव के शमशानघाट में अंतिम संस्कार किया गया. इससे पहले, तीनों शवों का सिविल हास्पिटल सरकाघाट में पोस्टमार्टम करवाया गया

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सरकाघाट. हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सरकाघाट उपमंडल के छोटा समाहल गांव में भीषण अग्निकांड पर अब शक की निगाहें उठने लगी हैं. इस अग्निकांड में 30 वर्षीय महिला और उसकी 3 वर्षीय बेटी व 9 महीने का बेटा भी जलकर राख गए थे. मृतका कविता के पिता मोहन लाल ने इस अग्निकांड को सोची समझी साजिश बताते हुए डीएसपी सरकाघाट को लिखित में शिकायत सौंपी है और सघन जांच की मांग उठाई है.

मोहन लाल द्रंग क्षेत्र के कमांद गांव के रहने वाले हैं और उन्होंने अपनी बेटी की शादी छोटा समाहल गांव के मनोज कुमार के साथ करवाई थी. हालांकि मोहन लाल ने अपनी शिकायत में यह नहीं कहा है कि उसकी बेटी को कभी ससुराल वालों या पति की तरफ से प्रताडि़त किया गया, लेकिन अग्निकांड को लेकर उन्होंने कई सवाल उठाए हैं.

पति को फोन पर दी थी जानकारी
मोहन लाल ने अपना एक वीडियो संदेश भी जारी किया है. मोहन लाल का कहना है कि जब उसकी बेटी अपने 9 महीने के बेटे को टीका लगाकर घर लौटी तो उसके आधे घंटे के भीतर यह घटना घटी. मृतका के पति के बयान का हवाला देते हुए मोहन लाल बताते हैं कि उनकी बेटी ने अपने पति को फोन करके बताया था कि घर पर आग लगी है और किसी ने बाहर से दरवाजे की कुंडी लगा दी है. ऐसे में उसने पति से जल्दी घर आकर उन्हें बचाने की गुहार लगाई थी.
इसलिए जताया शक


वहीं मोहन लाल का यह भी कहना है कि दूसरे कमरे में मिट्टी के तेल की दो कैनियां रखी हुई थी, जोकि अब वहां नहीं हैं और जिस कमरे में आग लगी उसके दरवाजे के पास मिट्टी तेल की बदबू आ रही थी. यही कारण है कि इन्होंने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई है.

शिकायत मिली है: डीएसपी
डीएसपी सरकाघाट चंद्रपाल सिंह ने मृतका के पिता की तरफ से लिखित में शिकायत मिलने की पुष्टि की है. उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और एफएसएल की मदद से हर पहलू को बारीकी से जांचा जा रहा है. उन्होंने कहा कि यदि मामले में कोई दोषी पाया गया तो उसे बख्शा नहीं जाएगा. गुरुवार को महिला और उसके दोनों बच्चों को गांव के शमशानघाट में अंतिम संस्कार किया गया. इससे पहले, तीनों शवों का सिविल हास्पिटल सरकाघाट में पोस्टमार्टम करवाया गया, लेकिन पोस्टमार्टम करने के लिए शवों के भीतर बचा ही कुछ नहीं था. गांव में जब तीनों का अंतिम संस्कार किया गया तो पूरा गांव चीखों से गूंज उठा.
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