मंडी के कांगणीधार में बनेगा छोटी काशी का शिव धाम

उल्लेखनीय है कि मंडी शहर में हर वर्ष शिवरात्रि पर अंतरराष्ट्रीय महोत्सव का आयोजन किया जाता है, जो सात दिनों तक जारी रहता है. इस महोत्सव में जिला के 250 से अधिक देवी-देवता शिरकत करते हैं जो अपने आप में एक अनूठा देव समागम होता है.

Virender Bhardwaj | News18 Himachal Pradesh
Updated: August 13, 2019, 6:02 PM IST
मंडी के कांगणीधार में बनेगा छोटी काशी का शिव धाम
मंडी में छोटे-बड़े 80 मंदिर है.
Virender Bhardwaj
Virender Bhardwaj | News18 Himachal Pradesh
Updated: August 13, 2019, 6:02 PM IST
हिमाचल के छोटी काशी के नाम से विख्यात मंडी शहर को शिव भूमि भी कहा जाता है. क्योंकि इस नगरी में भगवान शिव के दर्जनों छोटे-बड़े मंदिर मौजूद हैं. इनमें कुछ प्रमुख मंदिरों का जिक्र करें तो बाबा भूतनाथ, एकादश रूद्र महादेव, महामृत्युंज्य, नीलकंठ महादेव, रूद्र महादेव, पंचवक्त्र महादेव, त्रिलोकीनाथ और अर्धनारिश्वर सहित दर्जनों ऐसे मंदिर हैं, जो प्राचीन हैं. लेकिन इन सभी शिव मंदिरों से हटकर राज्य सरकार अलग से एक शिव धाम का निर्माण करवाने जा रही है. यह शिव धाम भी एक मंदिर ही होगा, जहां पर भगवान शिव पूरे परिवार सहित विराजमान होंगे और इस मंदिर का निर्माण मंडी शहर के साथ लगती कांगणीधार में होगा.

धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा
कांगणीधार में जहां पर हैलिपैड बना है, उसके पास ही सरकार ने शिव धाम के लिए जगह का चयन कर लिया है. सीएम जयराम ठाकुर ने खुद इसकी पुष्टि की है. सीएम मंडी जिला से हैं तो उन्होंने यहां पर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ही शिव धाम के निर्माण के लिए बजट का प्रावधान किया है. सीएम जयराम ठाकुर बताते हैं कि मनाली की तरफ जाने वाले पर्यटकों के लिए रास्ते में कहीं रूकने का उचित प्रबंध नहीं है. इसी उद्देश्य से शिव धाम का निर्माण करवाया जा रहा है, ताकि पर्यटक यहां रूके और यहां की प्राचीन देव संस्कृति के बारे में जानें. शिव धाम सिर्फ एक मंदिर ही नहीं होगा, बल्कि इसमें पर्यटकों के ठहरने और खाने से लेकर आसपास के पर्यटन स्थलों की जानकारी का प्रावधान भी होगा. सीएम की मानें तो सरकार की टीम यहां पहला सर्वे कर चुकी है और जल्द ही इसका निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा.

इसलिए भी बनेगा शिवधाम

उल्लेखनीय है कि मंडी शहर में हर वर्ष शिवरात्रि पर अंतरराष्ट्रीय महोत्सव का आयोजन किया जाता है, जो सात दिनों तक जारी रहता है. इस महोत्सव में जिला के 250 से अधिक देवी-देवता शिरकत करते हैं जो अपने आप में एक अनूठा देव समागम होता है. वहीं मंडी शहर में गंगा की तर्ज पर ब्यास आरती की शुरूआत भी हो चुकी है. हर महीने पूर्णमासी को हनुमानघाट पर ब्यास आरती की जा रही है. जिसमें सैंकड़ों की संख्या में लोग भाग लेते हैं. उसी कड़ी में सरकार अब शिवनगरी को धार्मिक दृष्टि से और अधिक प्रमोट करने की योजना बना रही है. वहीं मंडी शहर के लोग सरकार के इस कदम का स्वागत कर रहे हैं.

जमीन की तलाश
व्यवसायी राजा सिंह मल्होत्रा और ज्योतिषाचार्य पंडित रामलाल के अनुसार यदि मंडी में शिव धाम बनता है तो फिर यहां के धार्मिक पर्यटन को और बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अधिक अवसर पैदा होंगे. शिव धाम के निर्माण को सरकार ने अपने वार्षिक बजट में शामिल किया है, लेकिन इसके लिए अभी कितना पैसा खर्च होगा, उसका एस्टीमेट नहीं बन पाया है. अभी सरकार जमीन की तलाश के बाद आगामी बातों पर विमर्श कर रही है और उसके बाद ही सरकार इसके लिए पैसों का प्रावधान करेगी, लेकिन शिव धाम बनने के बाद इसका कितना लाभ यहां के लोगों को मिलेगा. यह भविष्य में ही पता चल पाएगा.
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First published: August 13, 2019, 5:57 PM IST
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