VIDEO: कोटरोपी में मलबा गिरने से पहले ही बज उठे सायरन, हादसा टला

हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण मंडी जिला में भूस्खलन की घटनाएं घट रही है. यहां नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने के साथ ही इनमें भारी मलबा आना भी शुरू हो गया है.

Virender Bhardwaj | News18 Himachal Pradesh
Updated: July 28, 2018, 10:51 AM IST
Virender Bhardwaj
Virender Bhardwaj | News18 Himachal Pradesh
Updated: July 28, 2018, 10:51 AM IST
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण मंडी जिला में भूस्खलन की घटनाएं घट रही है. यहां नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने के साथ ही इनमें भारी मलबा आना भी शुरू हो गया है. भूस्खलन के लिहाज से सबसे संवेदनशील माने जाने वाले कोटरोपी में फिर से नाले से भारी मलबा आया और इस कारण मंडी-पठानकोट एनएच 20 बाधित हो गया. यह मलबा रात करीब 2 बजे आया है. यहां से बहने वाले नाले में पानी के साथ भारी मलबा आ गया.

यहां पानी निकासी के लिए जो पाइप डाले गए थे वो भी ब्लॉक हो गए और सारा मलबा सड़क पर आकर इकट्ठा हो गया. इसके चलते एनएच के नीचे वाली हिस्से की तरफ जो दलदल वाली मिट्टी थी उसका बहाव भी शुरू हो गया और यह पंदलाही गांव तक पहुंच गया. यहां गांव के दो घराट और एक पुल इसकी चपेट में आ गए.

गनीमत यह रही कि प्रशासन द्वारा आईआईटी के सहयोग से लगाए गए सायरन काम आ गए और मलबा आने से पहले इनके बजने का सिलसिला शुरू हो गया. एहतियात के तौर पर ट्रैफिक रोक दिया गया और यहां आए हुए मलबे को हटाने का काम शुरू कर दिया गया है और अस्थाई तौर पर एनएच पर यातायात को बहाल कर दिया गया है.

वहीं इसी नेशनल हाईवे मैगल के पास भी पहाड़ी से भारी मलबा आया हुआ है. यहां पर करीब तीन स्थानों पर पहाड़ी दरकी है और भूस्खलन के कारण नेशनल हाईवे बाधित हो गया है. यहां रात करीब तीन बजे मलबा आने की घटना घटी. सुबह जेसीबी मशीन लगाकर मलबा हटाने का कार्य शुरू किया गया और कुछ समय बाद इसकी बहाली की उम्मीद जताई जा रही है.

यदि और मलबा नहीं आया तो एनएच जल्दी बहाल हो सकता है. वहीं एनएच बंद होने के कारण सैंकड़ों देसी और विदेशी यात्री फंस गए हैं और सड़क बहाली का इंतजार कर रहे हैं.

गौरतलब है कि बीते साल कोटरोपी में भूस्खलन के चलते 47 लोगों की मौत हो गई थी.
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