साकार स्कूल के स्पेशल बच्चे पर्यावरण को बचाने के लिए कर रहे ये काम

Nitesh Saini | News18 Himachal Pradesh
Updated: June 8, 2019, 7:08 PM IST

बच्चों द्वारा बाजार से पॉलिथीन को खत्म करने और पर्यावरण को स्वच्छ रखने की मुहिम को आगे बढ़ाते हुए कपड़े के हैंड बैग बनाने की मुहिम शुरू की गई है.

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हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में सुंदरनगर के डोडवा स्थित साकार स्कूल के विशेष बच्चों को खुद पर आत्मनिर्भर बनाने के लिए पिछले 11 साल से लगातर प्रयास किया जा रहा है. अब बच्चे धीरे धीरे आत्मनिर्भर होने लग गए हैं. संस्थान के बच्चों को जीने की कला के साथ साथ परिवार की रोजी रोटी के लिए कई प्रोजेक्ट शुरू करवाये गए हैं. प्रोजेक्ट के तहत रोजमर्रा की जिन्दगी में इस्तेमाल होने वाली चीजे तैयार कर बाजारों में बेचीं जाएंगी. वस्तुओ को बाजारों में बेचकर बच्चे अपने परिवार व सस्थान के अन्य बच्चों की सहायता कर सकेंगे. कुछ समय पहले बच्चों द्वारा मोमबत्तियां बनाकर बाजारों में बेचीं गई. अब बच्चों द्वारा बाजार से पॉलिथीन को खत्म करने और पर्यावरण को स्वच्छ रखने की मुहिम को आगे बढ़ाते हुए कपड़े के हैंड बैग बनाने की मुहिम शुरू की गई है.

हर रोज 200 कपड़े के बैग तैयार कर रहे बच्चे

अब साकार स्कूल के बड़े बच्चे कपड़े के बैग बना कर बाजारों में बेचेगे ताकि सस्थान के अन्य बच्चो के खर्चे के साथ अपने परिवार का गुजारा कर सके. स्कूल के बड़े बच्चे हर रोज 200 से अधिक कपड़े के बैग बना रहे हैं. जानकारी देते हुए साकार स्कूल की अध्यक्ष शीतल शर्मा में कहा कि स्कूल के बच्चों द्वारा नई शुरुआत की गई है. बच्चों द्वारा कपड़े के थैले बनाये जा रहे हैं.

इस काम में 16-25 वर्ष के बच्चे लगे हुए हैं

गौरतलब है कि 16 साल से 25 साल की उम्र के कई बच्चों की अकेडमिक क्षेत्र में प्रोग्रेस नहीं हो पा रही है, इसलिए इन बच्चों को वोकेशनल साइड पर डाला गया है. पिछले दो महीने के लगातर प्रयास से आज बच्चे कपड़े के बैग बनाना सीख चुके हैं. उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि बाजारों में बिकने वाला पॉलिथीन पूरी तरह से बंद हो और पर्यावरण स्वच्छ रहे.

साकार स्कूल की अध्यक्ष शीतल शर्मा ने लोगों से अपील की है कि बच्चों द्वारा बनाए गए बैग को खरीद कर इनका इस्तेमाल करें, ताकि बच्चे खुद पर आत्मनिर्भर होकर अपने परिवार का गुजारा कर सकें.

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First published: June 8, 2019, 7:08 PM IST
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