VIDEO: कोटरोपी की बरसी: 48 लोगों की मौत लेकर आई थी वह रात

हिमाचल प्रदेश के इतिहास में बीते वर्ष 2017 में 12 और 13 अगस्त की रात में भूस्खलन हुआ था. एक वर्ष पहले मंडी जिला के कोटरोपी में जो भीषण त्रासदी आई थी उसे कोई नहीं भुला सकता.

Virender Bhardwaj | News18 Himachal Pradesh
Updated: August 12, 2018, 7:02 PM IST
Virender Bhardwaj
Virender Bhardwaj | News18 Himachal Pradesh
Updated: August 12, 2018, 7:02 PM IST
हिमाचल प्रदेश के इतिहास में बीते वर्ष 2017 में 12 और 13 अगस्त की रात में भूस्खलन हुआ था. इस हादसे को आज एक वर्ष पूरा हो गया है. एक वर्ष पहले मंडी जिला के कोटरोपी में जो भीषण त्रासदी आई थी उसे कोई नहीं भूला सकता. उस काली रात ने एक ही झटके में 48 लोगों को मौत की नींद सुला दिया था. इस हादसे में यहां के स्थानीय 8 परिवार घर से बेघर हो गए और 5 अन्य लोगों की कीमती जमीनें पहाड़ी से आए मलबे के साथ बह गई. वहीं दर्जनों वाहन इस मलबे में हमेशा-हमेशा के लिए दफन हो गए.

रात करीब 12ः15 बजे एचआरटीसी की दो बसें पहाड़ी से नीचे वाली सड़क से होकर गुजरने लगी. एक बस मनाली से कटड़ा जा रही थी और दूसरी बस चंबा से मनाली जा रही थी. जैसे ही यह बसें पहाड़ी के नीचे पहुंची तो पहाड़ी दरक गई.

मनाली से कटड़ा जा रही बस के आगे वाले हिस्से पर मलबा गिरा और बस के अंदर बैठे तीन लोग मलबे की चपेट में आ गए. इसके साथ ही बस से आगे चल रही एक बाईक भी इसकी चपेट में आई थी. एक अन्य कार भी इसकी चपेट में आई थी लेकिन कार चालक पूरी तरह से सुरक्षित बच गया. प्रशासनिक अमला रात को ही घटनास्थल पर पहुंच गया और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया.

तत्कालीन डीसी और एसपी सहित एसडीएम पधर और एसडीएम जोगिंद्रनगर रात को ही घटनास्थल पर पहुंच गए थे. सड़क पर ही जो बस मलबे की चपेट में आई थी वहां से तीन शव बरामद हुए थे जबकि एक शव अभी तक नहीं मिल पाया है. वहीं दूसरी तरफ से आ रही चंबा मनाली बस पहाड़ी से आए मलबे के साथ ही बह गई थी. यह बस घटनास्थल से डेढ़ किलोमीटर दूर पहुंच गई थी. इसमें 45 यात्री सवार थे जिनमें से कोई भी जिंदा नहीं बच सका.

नोट - इस वीडियो के सभी शॉट्स वर्ष 2017 के हादसे के समय की है.
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