सोच फाउंडेशन जनसहयोग व अपने खर्चे पर बनवा रही है सार्वजनिक शौचालय

सोच फाउंडेशन ने मंडी जिला मुख्यालय के साथ लगती दुदर पंचायत स्थित देव बालाकामेश्वर मंदिर परिसर में डेढ़ लाख रूपए की लागत से एक सार्वजनिक शौचालय का निर्माण करवाया है.

Virender Bhardwaj
Updated: April 29, 2018, 11:40 AM IST
सोच फाउंडेशन जनसहयोग व अपने खर्चे पर बनवा रही है सार्वजनिक शौचालय
सोच फाउंडेशन के प्रयास से बना सार्वजनिक शौचालय
Virender Bhardwaj
Virender Bhardwaj
Updated: April 29, 2018, 11:40 AM IST
जहां सोच-वहां शौचालय. यह टैगलाइन भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय की है लेकिन इस टैग लाइन को जमीनी स्तर पर उतारने के काम में मंडी की सोच फाउंडेशन जुटी हुई है. सोच फाउंडेशन जनसहयोग और अपने खर्चे से सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण का सराहनीय कार्य कर रही हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान के साथ देश की बहुत सी संस्थाएं जुड़ी हुई हैं और यह संस्थाएं स्वच्छता के क्षेत्र में विभिन्न प्रकार से अपना योगदान भी दे रही हैं. इन्हीं में से एक है मंडी की सोच फाउंडेशन.

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब 2 अक्तूबर 2014 को हाथ में झाड़ू पकड़कर सफाई अभियान की शुरूआत की तो उसी वक्त से सोच फाउंडेशन ने भी इस अभियान में कदम से कदम मिलाना शुरू कर दिया. हमारा शहर-हमारी जिम्मेदारी अभियान को सफल बनाने के बाद अब सोच संस्था ने सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण पर काम करना शुरू किया है.

संस्था ने मंडी जिला मुख्यालय के साथ लगती दुदर पंचायत स्थित देव बालाकामेश्वर मंदिर परिसर में डेढ़ लाख रूपए की लागत से एक सार्वजनिक शौचालय का निर्माण करवाया है. इस शौचालय का न सिर्फ मंदिर आने वाले श्रद्धालु इस्तेमाल कर रहे हैं बल्कि यहां रहने वाले लोगों को भी इसका लाभ मिल रहा है. ग्रामीणों ने इस सराहनीय कार्य के लिए सोच फाउंडेशन का आभार जताया है.

सोच संस्था के अध्यक्ष राजा सिंह मल्होत्रा ने बताया कि इस कार्य के लिए वह जनसहयोग भी ले रहे हैं और संस्था अपने स्तर पर भी पैसा खर्च कर रही है. दुदर पंचायत में जो सार्वजनिक शौचालय बना उसमें पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने पूरा सहयोग दिया.

राजा सिंह मल्होत्रा ने बताया कि यह अभी शुरूआत है जबकि आने वाले समय में और भी सार्वजनिक शौचालय बनाए जाएंगे. उन्होंने लोगों से आह्वान भी किया है कि यदि उनके इलाके में कहीं सार्वजनिक शौचालय की दरकार है तो वह सोच फाउंडेशन को संपर्क कर सकते हैं.
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