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बुजुर्ग से क्रूरता मामला: ‘पुजारिन’ की अंधभक्ति प्रताड़ना की वजह, इसलिए भी रचा षड़यंत्र

Virender Bhardwaj | News18 Himachal Pradesh
Updated: November 12, 2019, 10:12 AM IST
बुजुर्ग से क्रूरता मामला: ‘पुजारिन’ की अंधभक्ति प्रताड़ना की वजह, इसलिए भी रचा षड़यंत्र
गांव के लोग पुजारिन के आदेशों को देवता का आदेश मानकर उसका आंख बंद करके पालन करते हैं. (सांकेतिक तस्वीर)

Sarkaghat Old Lady Beaten Case: खासतौर पर उन लोगों को अधिक निशाना बनाया गया जो किसी दूसरे देवी-देवता (God-Goddess) की पूजा भी करते थे. तथाकथित स्वयंभू पुजारिन को इस बात का डर था कि अगर लोग दूसरे देवी-देवताओं को पूजने लग गए तो उसके देवता की प्रभुसत्ता समाप्त हो जाएगी

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सरकाघाट (मंडी). हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के मंडी जिले के सरकाघाट (Sarkaghat) में बुजुर्ग महिला को डायन (Witch) बताकर क्रूरता मामले में स्वयंभू तथाकथित पुजारिन के प्रति गांव वालों की अंधभक्ति प्रताड़ना (Harassment) की मुख्य वजह बनी है. ये लोग बिना सोचे-समझे पुजारिन के आदेशों पर कभी भी देवरथ कंधों पर उठाकर लोगों को डराने (Fear) के लिए निकल जाते थे. पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में यही बात सामने आई है.

पुजारिन के आदेश कों पालन
पुख्ता सूत्रों के अनुसार, गांव के लोग पुजारिन के आदेशों को देवता का आदेश मानकर उसका आंख बंद करके पालन करते हैं. इन लोगों की यही अंधभक्ति आज इन्हें पुजारिन के साथ सलाखों के पीछे ले आई है.

मुख्य पुजारी की हो चुकी है मौत

तीन वर्ष पूर्व देवता माहूंनाग (God Mahunaag ) के मुख्य पुजारी की मृत्यु हो जाती है. उसके बाद विधि विधान से किसी पुजारी को देवता का दायित्व नहीं सौंपा जाता. दिवंग्त पुजारी की बेटी खुद को देवता का अगला पुजारी बताती है. गांव के लोग भी इस बात पर यकीन कर लेते हैं और उसकी बातों को मानने लग जाते हैं. बीते चार-पांच महीनों से गांव में एक के बाद एक ऐसे घटनाक्रम हुए, जिनपर गांव के लोगों को ही विश्वास नहीं हुआ. यह पुजारिन कभी भी देवरथ के साथ कहीं भी पहुंच जाती थी.

खासतौर पर उन लोगों को अधिक निशाना बनाया गया जो किसी दूसरे देवी-देवता की पूजा भी करते थे.(सांकेतिक तस्वीर)
खासतौर पर उन लोगों को अधिक निशाना बनाया गया जो किसी दूसरे देवी-देवता की पूजा भी करते थे.(सांकेतिक तस्वीर)


पुजारिन को था इस बात का डर
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खासतौर पर उन लोगों को अधिक निशाना बनाया गया जो किसी दूसरे देवी-देवता की पूजा भी करते थे. तथाकथित स्वयंभू पुजारिन को इस बात का डर था कि अगर लोग दूसरे देवी-देवताओं को पूजने लग गए तो उसके देवता की प्रभुसत्ता समाप्त हो जाएगी और उसका कारोबार भी घट जाएगा. यही कारण लोगों की प्रताड़ना की मुख्य वजह भी माना जा रहा है.

महिला के अलावा टीचर भी पीड़ित
अब जरा राजदेई और जय गोपाल के साथ घटी घटनाओं पर गौर फरमाईए. जानकारी के अनुसार, राजदेई अपने घर में देवता माहूंनाग के साथ अन्य देवी देवताओं की भी पूजा करती थी और रिटायर टीचर जय गोपाल भी ऐसा ही करते थे. जब इस बात का पता तथाकथित पुजारिन को लगा तो उसने वही किया, जिसका वीडियो वायरल हुआ है. जय गोपाल ने भी पुलिस को दी शिकायत में यही कहा है कि उसने घर पर माता सरस्वती और अन्य देवी देवताओं की तस्वीरें लगा रखी थी, जिसके कारण लोग देवरथ के साथ उसके घर आए और तोड़फोड़ की. यह चेतावनी दी कि सिर्फ देवता माहूंनाग की ही पूजा करनी है.

गांव में कई घटनाएं हुई
इस बारे में जांच-पड़ताल पर पता चला है कि ऐसी घटनाएं गांव के कई लोगों के साथ घट चुकी हैं, लेकिन उन्होंने देवता के डर से अपने मुहं पर ताला लगा दिया. यह भी जानकारी प्राप्त हुई कि कम उम्र में प्रतिष्ठित देवता की पुजारिन बनने और अनुभव न होने के कारण कुछ लोगों ने इसका नाजायज फायदा भी उठाया. तथाकथित पुजारिन की नादानी को गांव के कुछ लोगों ने हथियार बनाया और अपनी व्यक्तिगत रंजिश को देव आस्था का नाम देकर पुजारिन को भड़काने का प्रयास किया गया. देवता की पूरे इलाके में बहुत अधिक मान्यता है और लोग यहां बड़ी श्रद्धा के साथ शीष नवाने आते हैं, लेकिन इस घटना ने पूरे इलाके को शर्मसार करके रख दिया है. खुद की गिरफ्तारी को रोकने के लिए भी तथाकथित पुजारिन देवरथ के साथ थाने का घेराव करने लोगों के साथ निकली थी, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी से यह योजना धरी की धरी रह गई और अब यह पुजारिन सलाखों के पीछे है.

ये है पूरा मामला
दरअसल, सरकाघाट की पंचायत गाहर में समाहल गांव में देवता के नाम पर 81 वर्षीय बुजुर्ग महिला को डायन बताया गया और बाल काटे गए. उसके चेहरे पर कालिख पोती गई और गले में जूतों की माला पहनाकर देवता के रथ के आगे घसीटा गया. मामला छह नवंबर का है और आठ नवंबर को इसके वीडियो वायरल हुए. नौ नवंबर को मामले में केस दर्ज किया गया है. पंचायत के छोटा समाहल गांव में 81 वर्षीय बुजुर्ग महिला राजदेई का घर है. पति की मौत हो चुकी है और सिर्फ दो बेटियों का सहारा है, जिनकी शादियां हो चुकी हैं. छोटा समाहल गांव में देवता माहूंनाग का मंदिर भी है और इलाके में देवता के प्रति काफी ज्यादा आस्था है. गिरफ्तार 24 आरोपियों में 15 पुरुष और 9 महिलाएं शामिल हैं. इनमें एक 18 वर्षीय युवक और देवता की तथाकथित 22 वर्षीय पुजारिन भी शामिल है.

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First published: November 12, 2019, 10:04 AM IST
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