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सरकारी स्कूलों में बांटे गए Uniforms, Bags की खुली पोल, धुलने के बाद हुए बदरंग

Virender Bhardwaj | News18 Himachal Pradesh
Updated: November 2, 2019, 5:23 PM IST
सरकारी स्कूलों में बांटे गए Uniforms, Bags की खुली पोल, धुलने के बाद हुए बदरंग
सरकारी स्कूलों में बांटी गई वर्दियां आधे सत्र बीते भी नहीं कि बदरंग होने लगे हैं.

कांग्रेस नेता सचिन वर्मा का आरोप है कि दो वर्षों के बाद राज्य सरकार ने फ्री के नाम पर जो वर्दियां (School Uniforms) बांटी हैं, उनमें लाखों का घोटाला (Scam) हुआ है.

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मंडी. दो वर्ष के इंतजार के बाद सरकारी स्कूलों के बच्चों को राज्य सरकार की तरफ से मुफ्त में मिली वर्दियों (School Uniforms) और बैग (Bags) की पोल खुलने लग गई है. अभी स्कूलों में आधा सत्र ही बीता है और वर्दियों के रूप में बांटे गए कपड़ों ने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया है. मंडी जिला के सरकाघाट उपमंडल में बांटी गई सरकार की फ्री वर्दियों को लेकर कांग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं. ब्लाॅक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन वर्मा ने सरकार से इस पूरे मामले पर सीबीआई जांच (CBI Enquiry) की मांग उठाई है और सरकार को चेतावनी दी है कि अगर समय रहते उचित कार्रवाही अमल में नहीं लाई गई तो कांग्रेस कमेटी सड़कों पर उतरकर इसका विरोध करेगी.

कांग्रेस के नेता ने लगाए ये आरोप

सचिन वर्मा का आरोप है कि दो वर्षों के बाद राज्य सरकार ने फ्री के नाम पर जो वर्दियां बांटी हैं, उनमें लाखों का घोटाला हुआ है. चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए घटिया क्वालिटी की वर्दियां बांटी गई हैं. अभी आधा सत्र भी नहीं बीता और वर्दियों का रंग उड़ने के साथ उनमें इस्तेमाल हुए कपड़े की क्वालिटी भी उजागर होने लग गई है.

पिछले साल भी सही समय नहीं मिली थी वर्दियां

गौरतलब है कि बीते वर्ष सही समय पर वर्दियों की खरीददारी नहीं होने के कारण स्कूली बच्चों को वर्दियां नहीं मिल पाई थी, लेकिन इस बार जो वर्दियां बच्चों को बांटी गई हैं, उनकी क्वालिटी पर सवालिया निशान लग रहा है. वहीं दूसरी तरफ छठी कक्षा के बच्चों को जो बैग बांटे गए हैं, वह भी क्षमता से बहुत छोटे हैं. इन बैगों में या तो बच्चे किताबें ही ले जा पा रहे हैं या फिर कापियां. यदि दोनों एक साथ ले जाने हों तो वह संभव नहीं.

उच्च शिक्षा के उपनिदेशक ने कहा, 'जांच करवाई जाएगी'

मालूम हो कि राज्य सरकार सूबे के सभी सरकारी स्कूलों में हर साल बच्चों को मुफ्त में वर्दियां, बैग्स और किताबें बांटती हैं. सुविधा संपन्न परिवार के लोग अपनी सुविधा के अनुसार बच्चों के लिए अतिरिक्त बैग और वर्दियां खरीद लेते हैं, लेकिन जो गरीब परिवार हैं उनके बच्चे इन्हीं वर्दियों और बैग से गुजारा करते हैं. ऐसे में सरकार को इनकी गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. वहीं जब इस बारे में उच्च शिक्षा उपनिदेशक मंडी अमरजीत शर्मा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि यदि गुणवत्ता में कोई कमी है तो इसकी जांच करवाई जाएगी.
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First published: November 2, 2019, 5:23 PM IST
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