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Mandi Zilla Parishad : सबसे कम उम्र के सदस्य बने विजय, बिलासपुर की मुस्कान प्रदेश की सबसे छोटी सदस्य

मंडी जिला परिषद चुनाव में विजय भाटिया सबसे कम उम्र में सदस्य बने हैं.
मंडी जिला परिषद चुनाव में विजय भाटिया सबसे कम उम्र में सदस्य बने हैं.

मंडी जिला परिषद चुनाव में विजय भाटिया सबसे कम उम्र में सदस्य बने हैं. उनका प्रदेश में दूसरा स्थान है. सबसे कम उम्र में जिला परिषद सदस्य बनने वाली बिलासपुर जिला परिषद के बरमाणा वार्ड की मुस्कान का पहला नंबर है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 23, 2021, 9:01 PM IST
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मंडी. मंडी जिला को सबसे युवा जिला परिषद सदस्य मिला है. विजय भाटिया ने यहां 21 साल 11 महीने की आयु में जिला परिषद का चुनाव जीत लिया. वे प्रदेश में दूसरे नंबर पर आंके जा रहे हैं. इसके साथ ही बरमाणा की मुस्कान महज 21 साल 6 महीने की उम्र में जिला परिषद सदस्य बनी हैं. विजय ने अपनी जीत के लिए मतदाताओं का आभार जताते हुए कहा कि वह नेरघरवासड़ा वॉर्ड का एक समान दृष्टि से विकास कराएंगे.

पंचायत चुनावों में इस बार लोगों ने युवा चेहरों पर अधिक भरोसा जताया है. इस बार इतने युवा चेहरे चुनकर आए हैं कि उनमें सबसे युवा का आकलन करने के लिए साल और महीनों को छोड़कर दिनों तक की गणना करनी पड़ रही है. मंडी जिला के एक और युवा ने कम आयु में बड़ा मुकाम हासिल किया है. जिला के जोगिंद्रनगर उपमंडल के तहत आने वाले नेरघरवासड़ा वॉर्ड से विजय भाटिया ने जीत हासिल करके अपने नाम नया रिकार्ड बना लिया है. दरअसल विजय भाटिया 21 साल 11 महीने की आयु में जिला परिषद का सदस्य चुनकर आए हैं. यह मंडी जिला के सबसे युवा जिला परिषद सदस्य होने का खिताब हासिल कर चुके हैं. हालांकि प्रदेश में उन्हें अभी दूसरे नंबर पर आंका जा रहा है क्योंकि बिलासपुर जिला के बरमाणा वॉर्ड से 21 साल 6 महीने की आयु में चुनकर आईं मुस्कान ने यह खिताब अपने नाम कर लिया है. विजय भाटिया की जन्मतिथि 1 मार्च 1999 है और उस लिहाज से विजय की वर्तमान आयु 21 साल 11 महीने बनती है. वहीं, मुस्कान की जन्मतिथि 30 जून 1999 है और उस लिहाज से मुस्कान की आयु 21 साल 6 महीने बनती है.

राजनीतिक विज्ञान पढ़ा और चुनाव लड़ने की सोच ली



जोगिंद्रनगर उपमंडल के तहत आने वाले हारगुनैण गांव के विजय भाटिया ने हाल ही में अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी है. उनका पसंदीदा विषय राजनीतिक विज्ञान है और इसी में उन्होंने स्नातक भी किया है. विजय ने बताया कि 15 वर्ष की आयु से वह समाजसेवा के कार्यों में जुट गए थे और राजनीतिक विज्ञान पढ़ने के बाद उन्होंने चुनाव लड़ने का निर्णय किया. विजय ने बताया कि उन्होंने राजनीतिक विज्ञान में अपनी पढ़ाई जारी रखी हुई है और अब वह इसमें मास्टर डिग्री करने जा रहे हैं. विजय के पिता कर्मचंद भाटिया अपनी दुकान चलाते हैं और माता गृहणी हैं.
17 पंचायतों का एक समान दृष्टि से विकास करवाना ही मुख्य लक्ष्य

विजय ने बताया कि नेरघरवासड़ा वॉर्ड के तहत 17 ग्राम पंचायतें आती हैं और इन पंचायतों का एक समान दृष्टि से विकास करवाना उनका मुख्य लक्ष्य है. पंचायतों में सरकार की योजनाओं को सही ढंग से लागू करवाकर पात्र लोगों को उसका लाभ पहुचांने का प्रयास किया जाएगा और पंचायतों के आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ किया जाएगा.

कई धुरंधर निकले हैं नेरघरवासड़ा वॉर्ड से

जिस नेरघरवासड़ा वॉर्ड से 21 साल के विजय ने विजय प्राप्त की वहां से कई धुरंधर चुनाव लड़ चुके हैं. जोगिंद्रनगर के पूर्व विधायक एवं पूर्व में मंत्री रहे गुलाब सिंह ठाकुर भी इस वॉर्ड से जिला परिषद के सदस्य रह चुके हैं. उनकी धर्मपत्नी भी यहां से जिला परिषद की सदस्य रह चुकी हैं. वहीं उनके पुत्र यहां से चुनाव हार गए थे. कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ चुके जीवन ठाकुर भी इसी सीट से जिला परिषद सदस्य रह चुके हैं. इस बार यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थी जहां से विजय भाटिया चुनकर आए हैं.
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