CM सिटी में आंदोलन: ‘वनवास’ के विरोध अनशन पर जलवाहक

जिला प्रधान भुट्टू राम का कहना है कि अगर सरकार 10 दिनों के भीतर कोई निर्णय नहीं लेती है तो फिर इस आंदोलन को तेज किया जाएगा, जिसकी सारी जिम्मेदारी सरकार की होगी.

News18 Himachal Pradesh
Updated: July 9, 2019, 6:10 PM IST
CM सिटी में आंदोलन: ‘वनवास’ के विरोध अनशन पर जलवाहक
मंडी में प्रदर्शन करते जलवाहक.
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Updated: July 9, 2019, 6:10 PM IST
14 वर्षों का बनवास झेल रहे अशंकालीक जलवाहक और सेवादार अब क्रमिक अनशन पर उतर आए हैं. सीएम के गृहजिले के अंशकालीक जलवाहकों ने क्रमिक भूख हड़ताल शुरू कर दी है. मंगलवार को इस हड़ताल का दूसरा दिन है. जलवाहक कम सेवादार संघ जिला मंडी के प्रधान भुट्टू राम ने बताया कि सरकार समाज के गरीब और पीडि़त वर्ग के साथ अन्याय कर रही है.

14 साल भी कर रहे पक्का
जलवाहक और सेवादार के पद पर विधवाओं, गरीबों और अपंगों को ही रखा जाता है. इस वर्ग को 14 वर्ष का बनवास झेलने के बाद नियमित किया जा रहा है. 9 वर्षों तक अंशकालीक सेवाएं ली जा रही हैं, जबकि 5 वर्षों तक दिहाड़ीदार रखा जा रहा है. इन्होंने सरकार से मांग उठाई है कि वनवास की इस अवधि को 14 से घटाकर 10 वर्ष किया जाए. इसके साथ ही भविष्य में अंशकालीक जलवाहकों को 5 वर्षों के बाद दिहाड़ीदार और फिर 3 वर्षों के बाद नियमित करने का प्रावधान भी किया जाए.

वेतन भी बढ़ाया जाए

वहीं अंशकालीक जलवाहकों के वेतन में भी बढ़ोतरी की जाए, क्योंकि महंगाई के इस दौर में मात्र 2400 रुपये में गुजारा कर पाना संभव नहीं. इन्होंने इस वर्ग के कर्मचारियों की रिटायरमेंट ऐज 58 से बढ़ाकर 60 करने की भी मांग उठाई है. जिला प्रधान भुट्टू राम का कहना है कि अगर सरकार 10 दिनों के भीतर कोई निर्णय नहीं लेती है तो फिर इस आंदोलन को तेज किया जाएगा, जिसकी सारी जिम्मेदारी सरकार की होगी.
First published: July 9, 2019, 5:53 PM IST
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