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Himachal Panchayat Elections: मंडी में 21 वर्ष 4 महीने की उम्र में प्रधान बनी आंचल

 आंचल महज 21 साल की हैं.
आंचल महज 21 साल की हैं.

Youngest Pradhan of Mandi: आंचल की जन्मतिथि 19 सितंबर 1999 है और उस लिहाज से आंचल की मौजूदा आयु 21 वर्ष 4 महीने है. आंचल के पिता चमेल सिंह राजपूत पेशे से ऑडिटर हैं और उनकी माता निशा देवी आंगनवाड़ी अध्यापिका हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 23, 2021, 11:41 AM IST
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मंडी. हिमाचल प्रदेश के मंडी (Mandi) जिले में जिला के जोगिंद्रनगर उपमंडल की लडभड़ोल तहसील के तहत आने वाली नवनिर्मित बघैर रक्तल पंचायत से 21 साल की आंचल बतौर प्रधान चुनकर आई हैं. आंचल की जन्मतिथि 19 सितंबर 1999 है और उस लिहाज से आंचल की मौजूदा आयु 21 वर्ष 4 महीने है. आंचल के पिता चमेल सिंह राजपूत पेशे से ऑडिटर हैं और उनकी माता निशा देवी आंगनवाड़ी अध्यापिका हैं. आंचल ने हालही में इग्नू से बीएससी (BSC) फाइनल ईयर के एग्जाम दिए हैं, जिनका रिजल्ट आना अभी बाकी है. आंचल की एक छोटी बहन है, जो कालेज में प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रही है.

खुद लिया चुनाव लड़ने का फैसला
आंचल ने बताया कि पंचायत चुनाव लड़ने का निर्णय उसका खुद का था और उसके इस निर्णय में परिजनों और पंचायत के लोगों ने अपनी सहमति जताई थी. नवगठित बघैर रक्तल पंचायत से आंचल को रीता देवी ने कड़ी टक्कर दी. रीता देवी को 239 वोट पड़े, जबकि आंचल को 283 वोटों के साथ विजयी घोषित किया गया. आंचल ने बताया कि उनकी पंचायत काफी पिछड़ी पंचायत है, जिसका सर्वांगिण विकास करना उनकी प्राथमिकता है. उन्होंने अपनी पंचायत के दसनोड़ गांव का जिक्र करते हुए बताया कि इस गांव में आज भी पीने के पानी की उचित सुविधा नहीं है. यहां पर पानी की सुविधा ग्रामीणों को मुहैया करवाना उनकी विशेष प्राथमिकता रहेगी.

सड़कों की कमी
वहीं, पंचायत के जिन गांवों में सड़क सुविधा नहीं पहुंची है, वहां सड़क सुविधा मुहैया करवाने का प्रयास किया जाएगा. इसके साथ ही गांव के लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना, जरूरतमंदों को आवास की सुविधा देना, स्वरोजगार के अधिक अवसर पैदा करना और पात्र लोगों का बीपीएल में चयन को लेकर नवनिर्वाचित सरपंच आंचल ने विशेष संजीदगी दिखाने की बात कही है.



जबना का रिकॉर्ड बरकरार
बता दें कि वर्ष 2021 के पंचायत चुनावों में बहुत से युवा चेहरे प्रदेश भर में चुनकर आए हैं और सभी में इस बात को लेकर प्रतिस्पर्धा का दौर देखने को मिल रहा है कि कौन सबसे कम आयु का प्रतिनिध चुनकार आया है. मंडी जिला की बात करें तो गत पंचायत चुनावों में मंडी जिला की थरजूण पंचायत से जबना चौहान सबसे युवा सरपंच के रूप में चुनकर आईं थी. उस समय जबना की आयु 21 वर्ष 2 महीने थी. हालही के चुनावों में कलहणी पंचायत से खिरामणी 21 वर्ष 10 माह की उम्र में पंचायत प्रधान चुनकर आईं है, लेकिन अब आंचल ने खिरामणी को पछाड़ते हुए मात्र 21 साल 4 महीने की उम्र में पंचायत प्रधान बनकर नया रिकार्ड बना दिया है, लेकिन जबना चौहान का रिकार्ड अभी भी कायम है.
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