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बिलासपुर में बनेगा हिमाचल का पहला मैगा एक्वेरियम, 25 से 30 करोड़ आएगी लागत

बिलासपुर में बनेगा हिमाचल का पहला मैगा एक्वेरियम, 25 से 30 करोड़ आएगी लागत

मुंबई में है देश का सबसे बड़ा मैगा एक्वेरियम.

मुंबई में है देश का सबसे बड़ा मैगा एक्वेरियम.

घागस में मत्स्य विभाग के पास उपयुक्त जमीन उपलब्ध है, लेकिन फिलहाल बिलासपुर के आसपास जमीन की तलाश की जा रही है.

    देश के बड़े महानगर मुंबई की तर्ज पर भाखड़ा विस्थापितों के शहर बिलासपुर में हिमाचल प्रदेश का पहला मैगा इक्वेरियम बनेगा. इसके लिए कार्य योजना तैयार की जा रही है.

    बिलासपुर शहर के समीप एक हेक्टेयर एरिया चयन को लेकर बाकायदा कवायद भी शुरू कर दी गई है. उपयुक्त जमीन का चयन करने के बाद 25 से 30 करोड़ लागत से तैयार किए जाने वाले इस मैगा इक्वेरियम को लेकर मत्स्य विभाग की ओर से प्रपोजल तैयार कर केंद्र सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. अहम बात यह है कि इस एक्वेरियम के बनने से न केवल बिलासपुर में टूरिज्म निखरेगा, बल्कि बेरोजगारों के लिए रोजगार के द्वार भी खुलेंगे.

    बिलासपुर में मत्स्य पालन में बड़ा रोजगार
    अभी तक प्रदेश में कहीं भी मैगा इक्वेरियम नहीं है. मैगा इक्वेरियम की स्थापना को लेकर बिलासपुर में योजना पर काम शुरू हो गया है. बिलासपुर में मत्स्य निदेशालय कार्यरत है और गोविंदसागर में मत्स्य आखेट से ढ़ाई हजार से ज्यादा परिवार जुड़े हुए हैं. इसलिए बिलासपुर में मैगा इक्वेरियम निर्माण की योजना बनाई गई है.

    इस प्रोजेक्ट को स्थापित करने के लिए दस से बारह बीघा जमीन की दरकार है. ऐसे में मीटिंग में निर्णय के बाद बिलासपुर शहर व आसपास के क्षेत्र में उपयुक्त जमीन की तलाश शुरू कर दी गई है. जैसे ही जमीन का चयन किया जाएगा तो उसके बाद मत्स्य निदेशालय के अफसरों की टीम प्रोजेक्ट स्थापना को लेकर प्रोपोजल तैयार करेगी, जिसे स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा.

    मुंबई में स्थानीय विधायक ने किया था एक्वेरियम का दौरा
    स्थानीय विधायक सुभाष ठाकुर ने बताया कि वह खुद मुंबई गए थे, जहां उन्होंने मैगा एक्वेरियम को निहारा. इसी तर्ज पर अब बिलासपुर में मैगा एक्वेरियम के निर्माण की योजना तैयार की गई है. इसमें सजावटी मछलियों की डेढ़ सौ से तीन सौ के लगभग प्रजातियां शोभा बनेंगी. उन्होंने बताया कि बिलासपुर में टूरिज्म आकर्षण बढ़ाने के लिए यह प्रोजेक्ट मील पत्थर साबित होगा.

    हालांकि, घागस में मत्स्य विभाग के पास उपयुक्त जमीन उपलब्ध है, लेकिन फिलहाल बिलासपुर के आसपास जमीन की तलाश की जा रही है. अगर यहां उपयुक्त जमीन नहीं मिलती है तो फिर घागस में प्रोजेक्ट स्थापना को लेकर विचार किया जा सकता है.

    नेशनल पैराग्लाइडिंग के आयोजन की तैयारी
    बिलासपुर में जल्द ही पैराग्लाइडिंग की नेशनल प्रतियोगिता के आयोजन की तैयारी चल रही है. बंदला स्थित साइट को डेवेल्प करने के लिए योजना पर काम चल रहा है. साइट तक सड़क के निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों के साथ सहमति बनाई जा रही है. व्यवस्था सही होने पर यहां नेशनल लेवल की पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता के आयोजन के बारे में शेड्यूल तैयार किया जाएगा.

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    Tags: Fisheries, Himachal pradesh

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