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मंडी: क्यों परेशान हैं मिड-डे मील वर्कर? हाईकोर्ट के फैसले के मुताबिक सरकार से मांगा हक

मंडी: क्यों परेशान हैं मिड-डे मील वर्कर? हाईकोर्ट के फैसले के मुताबिक सरकार से मांगा हक

मंडी के तारा चंद भवन में मिड डे मील वर्करों का चौथा सम्मेलन किया गया.

मंडी के तारा चंद भवन में मिड डे मील वर्करों का चौथा सम्मेलन किया गया.

Himachal Pradesh Mid Day Meal Worker: हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में कार्य करने वाली मिड-डे मील वर्करों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है. उन्होंने प्रदेश सरकार से संशोधित वेतनमान दिए जाने की मांग की है. इसके साथ ही कहा कि हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार मिड-डे मील वर्करों को पूरे वर्ष का वेतन दिया जाए, ताकि वर्करों का घर भी चल सके. मिड डे मील वर्करों ने सीटू मंडी में अपनी कई समस्याओं को गिनाते हुए मांगें पूरा करने की बात कही है.

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मंडी. हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में कार्य करने वाली मिड-डे मील वर्करों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है. उन्होंने प्रदेश सरकार से संशोधित वेतनमान दिए जाने की मांग की है. इसके साथ ही कहा कि हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार मिड डे मील वर्करों को पूरे वर्ष का वेतन दिया जाए, ताकि वर्करों का घर भी चल सके. मिड डे मील वर्करों ने सीटू मंडी में अपनी कई समस्याओं को गिनाते हुए मांगें पूरा करने की बात कही है.

मंगलवार को मंडी के तारा चंद भवन में मिड डे मील वर्करों का चौथा सम्मेलन किया गया, जिसमें वर्करों की समस्याओं व उनके समाधान पर चर्चा की गई. इस सम्मेलन की अध्यक्षता सीटू के जिला महासचिव राजेश शर्मा ने की. सीटू के जिला सचिव व मिड डे मील वर्कर यूनियन मंडी के प्रभारी गुरदास वर्मा ने बताया कि प्रदेश की सरकार मिड डे मील वर्करों का शोषण कर रही है. एक तो उन्हें छुट्टीयां नहीं हैं, दुसरा इनका वेतन बहुत कम है और अब सरकार ने इन्हें अन्य कार्यों को करने का फरमान भी दे दिया है जो कि सही नहीं है.

मिड-डे मील वर्करों की परेशानियां बढ़ी, रखी कई मांगें
गुरदास वर्मा ने बताया कि महंगाई के दौर में मिड डे मील वर्करों को घर चलाना मुश्किल हो गया है और प्रदेश की भाजपा सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है. मिड डे मील वर्करों ने वेतन बढ़ाने की मांग की है. कम वेतन और समय से न मिलने के कारण उनकी परेशानियां बढ़ गई हैं. सम्मेलन में वर्करों ने मांग उठाई है कि उनकी समस्या का जल्द समाधान सरकार द्वारा किया जाए.

सम्मेलन में 35 सदस्यीय कमेटी और 13 सदस्यीय सचिव मंडल का हुआ चुनाव
वहीं, सम्मेलन में 35 सदस्यीय कमेटी और 13 सदस्यीय सचिव मंडल का भी चुनाव किया गया. जिसमें पधर खण्ड के सतीश कुमार को अध्यक्ष, सुंदरनगर खण्ड की संतोष कुमारी को महासचिव और निहरी के गुरदास वर्मा को कोषाध्यक्ष चुना गया. इसके अलावा गोपालपुर की विमला देवी, धर्मपुर के चिंत राम, सराज 2 के इन्द्र सिंह और बक्शी राम, साईगल की बबली, जैदेवी की मैना देवी को उपाध्यक्ष तथा सदर 2 के दूनी चन्द, सुंदरनगर की गायत्री देवी, चच्योट 2 के नन्दलाल सिंह, गोपालपुर की निशा देवी, वंदना देवी और बल्ह की हल्या देवी को सचिव चुना गया. इसके अलावा रीता, कृष्णा, बबली, तिलक राज, भीष्म, डोलमा, प्रोमिला, पुष्पलता, चिंता देवी, ब्यासा, मीरा, लता, चुनी लाल, खेम सिंह, देवेंद्र, बबली, लक्ष्मी, शीला और कुंता देवी को कमेटी सदस्य चुना गया.

Tags: Himachal pradesh news, Mandi news, Mid Day Meal Scheme

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