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VIDEO: आठ साल बाद खुला शराब का एक ठेका लोगों के लिए परेशानी का सबब बना
Nahan News in Hindi

Pankaj Sharma | ETV Haryana/HP
Updated: December 30, 2017, 3:14 PM IST

सिरमौर ज़िला के दुर्गम क्षेत्र नेरिपुल में इन दिनों दहशत का कुछ माहौल बना हुआ है. आठ साल से बंद पड़े शराब के ठेके को कुछ महीने पहले ही खोला गया है.

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सिरमौर ज़िला के दुर्गम क्षेत्र नेरिपुल में इन दिनों दहशत का कुछ माहौल बना हुआ है. डर इतना ज़्यादा है कि महिलाओं ओर बच्चों ने अकेले आना-जाना तक छोड़ दिया है. राजगढ़ ओर शिमला से महज़ कुछ किलोमीटर दूर स्थित नेरिपुल गांव में इन दिनों एक ठेके की शराब दुकान के कारण दहशत का माहौल है.

आठ साल से बंद पड़े शराब के ठेके को कुछ महीने पहले ही खोला गया है. शासन-प्रशासन के इस निर्णय की वजह से स्थानीय जनता डर के साये में जीने को मजबूर हैं.

स्थानीय महिला उर्मिला ने बताया कि क़रीब आठ साल पहले महिलाओं के कई वर्षों के संघर्ष ओर परेशनियों के मद्देनज़र शराब का ठेका बंद किया गया था. मगर कुछ माह पहले अचानक इस ठेके को फिर से खोला गया है.

उर्मिला ने बताया कि शराब का ठेका जिस स्थान पर खोला गया है उसके बिलकुल साथ विधुत विभाग का सरकारी दफ़्तर, विधालय ओर मंदिर के साथ-साथ संतों का आश्रम तथा लोगों के घर हैं. शराबी नशे में धुत्त होकर दबंगई जाहिर करते हैं और लोगों का ठेके के पास से गुजर रहे रास्ते में लोगों का आना जाना भी मुहाल कर रहे हैं. दिया है।



नेरिपुल महिला मंडल की अध्यक्षा शालू चौहान ने माना कि शराब बिक्री से हिमाचल सरकार को अतिरिक्त कर मिलता है. मगर ऐसा टेक्स और ऐसी कमाई किस काम की जो स्थानीय लोगों की स्वतंत्रता और संविधान में मिले आम लोगों के मौलिक अधिकारों का हनन करता रहे.

स्थानीय निवासी कांता चौहान ने सवाल करते हुए पूछा कि आख़िर ओर कब तक डरी-सहमी रहने पर मजबूर होगी नेरिपुल की जनता? क्या सरकार को महिलाओं की सुरक्षा ओर इज़्ज़त से ज़्यादा प्रिय है शराब का व्यापार?

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First published: December 30, 2017, 3:14 PM IST
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