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सिरमौर में किसान महापंचायत: राकेश टिकैत बोले- केंद्र सरकार आंदोलन को शाहीन बाग ना समझे

सिरमौर जिले में किसान महापंचायत में राकेश टिकैत.

सिरमौर जिले में किसान महापंचायत में राकेश टिकैत.

Farmers Protest: सिरमौर (Sirmour) जिले के पांवटा साहिब के हरिपुर टोहाना में बुधवार को किसानों की महापंचायत आयोजित हुई. इसमें राकेश टिकैत भी शामिल हुए थे.

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पांवटा साहिब. (सिरमौर). देश में चल रहे किसान आंदोलन (Farmer Protest) को लेकर हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में किसान महापंचायत (Kisan Mahapanchyat) हुई. हालांकि, इसमें ज्यादा संख्या में किसान नहीं पहुंचे थे, लेकिन भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता और राष्ट्रीय किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने इसमें शिरकत की. सिरमौर (Sirmour) जिले के पांवटा साहिब के हरिपुर टोहाना में राकेश टिकैत ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार अंग्रेजों से भी खतरनाक है. यह सरकार धीरे-धीरे सेल फॉर इंडिया की तरफ बढ़ती जा रही है.राकेश टिकैत ने कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य की पर्यटन पॉलिसी बननी चाहिए और स्थानीय ट्रांसपोर्टर को ट्रांसपोर्ट सब्सिडी मिले. किसान नेता टिकैत ने किसान पंचायत में कृषि कानूनों के विरोध में भाजपा पर हमला बोला.

और क्या बोले टिकैत
टिकैत ने कहा कि तीन कृषि कानून थोपने वाली भाजपा सरकार के मंसूबे ठीक नहीं हैं और सरकार के नाम पर लूट करने वाले लुटेरों को भगाना होगा. केंद्र सरकार का काम मंदिर बनाना नहीं है. सरकार जनता को स्वास्थ्य, सड़कें और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं को नही दे पा रही है. हिमाचल के किसानों को भी दबाया जा रहा है. किसान आंदोलन के लिए सरकार और प्रशासन कभी भी अनुमति नही देंगे. राकेश टिकैत ने कहा कि देश में सरकार के नाम पर लूटेरों को भगाने के लिए एकजुट होना होगा.

अब तो ट्रिपल-टी से ही बचेगा देश
किसान महापंचायत में टिकैत ने कहा कि किसान आंदोलन को केंद्र सरकार शाहीन बाग मत समझे. आज केवल ट्रिपल-टी से देश बच सकेगा और देश की सीमा पर जवानों के पास टैंकर, युवाओं के हाथों में ट्यूटर और किसान के हाथ ट्रैक्टर से किसानों के संघर्ष को सफलता मिलेगी. टिकैत ने कहा कि देश में किसानों के आंदोलन जारी रहेगा और कोरोना भी आंदोलन को नहीं रोक सकता है. कोविड- गाइडलाइन का पालन करते हुए आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने आह्वान किया कि युवा वर्ग और किसान सुबह, दोपहर और रात में एक-एक संदेश सोशल मीडिया पर किसान आंदोलन के पक्ष में जरूर डालें.
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