रंग लाया सरकार का ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान, कन्या जन्म दर में हुआ जबरदस्त सुधार

सिरमौर में गत वर्ष के दौरान सुकन्या जन्म दर वृद्धि में भारी वृद्धि हुई है जिले में 1 हजार पुरुषों के मुकाबले 1004 कन्या पैदा हुई है जो एक बड़ी उपलब्धि है.

satish sharma | News18 Himachal Pradesh
Updated: June 17, 2019, 10:33 AM IST
रंग लाया सरकार का ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान, कन्या जन्म दर में हुआ जबरदस्त सुधार
रंग लाया सरकार का ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान, कन्या जन्म दर में हुआ जबरदस्त सुधार
satish sharma | News18 Himachal Pradesh
Updated: June 17, 2019, 10:33 AM IST
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर में गत वर्ष के दौरान सुकन्या जन्म दर वृद्धि में भारी वृद्धि हुई है जिले में 1 हजार पुरुषों के मुकाबले 1004 कन्या पैदा हुई है जो एक बड़ी उपलब्धि है. दरअसल सिरमौर जिले में सरकार द्वारा चलाया जा रहा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम रंग ला रहा है. जिले में वर्ष 2018-19 के दौरान 4065 लड़कों के मुकाबले 482 कन्याओं ने जन्म दिया है, जो बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है.

कन्या जन्म के आंकड़ों में हुई सुधार

जिले के पांवटा साहिब विकासखंड में सर्वाधिक 1509 लड़कों के मुकाबले 1588 कन्याओं ने जन्म लिया है. इसी प्रकार संगड़ाह ब्लॉक में 602 लड़कों के मुकाबले 634 कन्याएं, राजगढ़ में 372 लड़कों के मुकाबले 315 कन्याएं, शिलाई में 530 लड़कों के मुकाबले 530 कन्याएं, पछाद में 376 के मुकाबले 359 कन्याएं जबकि नाहन में 652 लड़कों के मुकाबले 656 कन्याओं ने जन्म लिया है. वहीं जिला उपायुक्त ललित जैन ने बताया कि ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम जिला में प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है, जिसके तहत अनेक माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है.

बेटी के जन्म पर परिवार को भेजा जाता है बधाई संदेश

सिरमौर जिला में 2011 की जनगणना के अनुसार कन्या जन्म दर लिंगानुपात 931 था, जो अब बढ़कर 963 हो गया है. जिला उपायुक्त ने बताया कि कार्यक्रम के तहत लोगों को जागरूक करने के लिए प्रशासन द्वारा बेटी के जन्म पर बधाई संदेश परिवार को भेजा जाता है, इसके अतिरिक्त गरीब परिवार की बेटियों को 10 हजार की राशि बैंक फिक्स डिपॉजिट के रूप में प्रदान की गई. साथ ही उन्होंने कहा कि ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 20 पंचायतों को सम्मानित भी किया गया.

 बच्चियों के नाम की जाती है 10 हजार की एफडी

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा जनमंच कार्यक्रमों में नवजात बच्चों की माताओं को सम्मानित किया जाता है. सम्मान स्वरूप अपने बधाई संदेश और एक पौधा भी दिया जाता है. इसी कार्यक्रम में गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाली नवजात बच्चियों के नाम 10 हजार रुपए की एफडी की जाती है. महिलाओं ने बताया कि ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं’ के तहत जो प्रयास सरकार द्वारा किए जा रहे हैं वह बेहद सराहनीय है.
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