वन माफिया पर अंकुश लगाने के लिए होगी ग्रुप पेट्रोलिंग, गाड़ियों में लगेंगे जीपीएस

वन विभाग ने वनमाफ़ियाओ से निपटने के लिए हाईटेक टेक्नोलॉजी अपनाने का निर्णय लिया है. वन माफिया पर अंकुश लगाने के लिए वन विभाग ने रेपिड रिस्पांस फोर्स बनाने का फैसला लिया है.

satish sharma
Updated: April 17, 2018, 11:57 AM IST
वन माफिया पर अंकुश लगाने के लिए होगी ग्रुप पेट्रोलिंग, गाड़ियों में लगेंगे जीपीएस
गोविंद सिंह ठाकुर, वन मंत्री, हिमाचल
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Updated: April 17, 2018, 11:57 AM IST
हिमाचल प्रदेश को वन माफियाओं से मुक्ति दिलाने के लिए हाईटेक तरीकों को उपयोग में लाया जाएगा. दरअसल वन विभाग ने वनमाफ़ियाओ से निपटने के लिए हाईटेक टेक्नोलॉजी अपनाने का निर्णय लिया है. वन माफिया पर अंकुश लगाने के लिए वन विभाग ने रेपिड रिस्पांस फोर्स बनाने का फैसला लिया है.

वन विभाग की गाड़ियों में जीपीएस सिस्टम लगाया जा रहा है. वन में कहीं किसी किस्म की गड़बड़ी पाई जाएगी तो इसकी सूचना मिलने पर फोर्स जीपीएस सिस्टम से लैस गाड़ियां मौके पर पहुंच जाएंगी. जिला व प्रदेश के बड़े स्तर के अधिकारी भी दफ्तर बैठे नजर रख पाएंगे, जिससे न केवल बड़े अधिकारी अपनी टीम की कार्रवाई से वाकिफ होंगे.

वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर के अनुसार, वन विभाग के ​अधिकारियों के अनुसार यह नई व्यवस्था वनकर्मियों के सुरक्षा के मद्देनजर भी ठीक रहेगा. कई मर्तबा यह देखा जाता है कि वन काटू वनरक्षकों पर हमला कर देते हैं.

वनमंत्री के बताया कि वनरक्षक होशियार सिंह प्रकरण के बाद वन विभाग ने 40 वर्ष से कम आयु वर्ग के सभी वन रक्षकों को हथियार प्रदान करने का फैसला लिया है ताकि उन्हें कोई कठिनाई नहीं आए. इसमें खास बात यह भी है कि हथियार भी वन रक्षक को उसकी पसंद का दिया जाएगा.

उन्होंने कहा कि वन रक्षकों को विभाग कैमरा उपलब्ध करवाने की भी तैयारी में है ताकि वह उनके द्वारा की जा रही पूरी कार्रवाई को कैमरे में भी कैद कर सके. वन मंत्री ने कहा कि विभाग ने अब वन काटुओं पर कारवाई करने के लिए ग्रुप पेट्रोलिंग का फैसला लिया है.
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