Himachal: मां ने डिलीवरी के बाद नवजात बेटी को गोबर के ढेर में फेका, पुलिस ने बचाई जान

सिरमौर में खेत से मिली नवजात बच्ची.

New Born Baby Abandon in Sirmour: शिलाई पुलिस थाना के प्रभारी मस्त राम ठाकुर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस की पहली प्राथमिकता इस नन्ही परी की जान बचाना है. पुलिस मामले की गहनता से छानबीन कर रही है. नवजात बच्ची को जन्म देने के बाद उसे लावारिस छोड़ने वाली माँ का भी जल्द पता लगाया जाएगा.

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    पंकज शर्मा

    रोनहाट (सिरमौर). हिमाचल प्रदेश में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा सार्थक होता नहीं दिख रहा है. बेटियों को या तो गर्भ में मार दिया जाता है या फिर उन्हें पैदा होने के बाद लावारिस छोड़ दिया जाता है. ताजा मामला हिमाचल के सिरमौर (Simour) जिले से है.

    जानकारी के अनुसार, सिरमौर जिले के शिलाई उपमण्डल में इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला पेश आया है. माँ ने एक बच्ची को जन्म (Birth) देने के बाद खेत में गोबर के ढेर के पास फेंक दिया है. महिला की पहचान नहीं हो पाई है. लेकिन पुलिस ने सूचना मिलते ही बच्चे को रेस्क्यू करके ईलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया है और मामले की जांच शुरू कर दी है.

    खेत में कर रहा था काम

    रोनहाट उपतहसील की शंखोली पंचायत के कमियारा (खड़काह) नामक स्थान पर मंगलवार सुबह जब एक व्यक्ति अपने खेत मे काम करने गया तो उसने देखा कि गोबर के ढेर से कुछ अजीब आवाज निकल रही है. पहले वो शख्स घबरा गया, मगर हिम्मत जुटा कर जब नजदीक गया तो उसने देखा कि ये आवाज खून से सने एक नवजात शिशु की है.

    सिरमौर: खेत में गोबर के पास रखी बच्ची.


    मां की तलाश

    पुलिस को मामले की सूचना दी गई. पुलिस की टीम भी सीएचसी रोनहाट में तैनात डॉक्टर को साथ में लेकर तत्काल मौके पर पहुंची और नवजात शिशु को प्राथमिक उपचार देने के बाद आगामी ईलाज और देखभाल के लिए 108 एम्बुलेंस से सिविल अस्पताल शिलाई पहुंचाया गया. लिहाजा, फिलहाल बच्ची को जन्म देने के बाद उसे खेत में गोबर के ढेर के पास लावारिस छोड़ने वाली माँ का पता नहीं चल पाया है.

    पहले भी हो चुके हैं मामले

    बताते चले कि कुछ वर्ष पहले रोनहाट अस्पताल में भी एक ऐसा ही मामला सामने आया था, जिसमें एक अविवाहित लड़की ने अस्पताल के शौचालय में एक नवजात शिशु को जन्म देने के बाद उसे खिड़की से बाहर फेंक दिया था. पुलिस ने उस वक्त भी नवजात शिशु की फरिश्ता बनकर जान बचाई थी और घिनोने कृत्य को अंजाम देने वाले लोगों को सलाखों के पीछे पहुंचाया था. उधर, शिलाई पुलिस थाना के प्रभारी मस्त राम ठाकुर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस की पहली प्राथमिकता इस नन्ही परी की जान बचाना है. पुलिस मामले की गहनता से छानबीन कर रही है. नवजात बच्ची को जन्म देने के बाद उसे लावारिस छोड़ने वाली माँ का भी जल्द पता लगाया जाएगा.

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