हिमाचल का 24 वर्षीय जवान बारामुला में आतंकी मुठभेड़ में शहीद
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हिमाचल का 24 वर्षीय जवान बारामुला में आतंकी मुठभेड़ में शहीद
24 साल का प्रशांत सिरमौर जिले से था. (FILE PHOTO)

Himachal Jawan Martyred in Kashmir: 24 वर्षीय शहीद प्रशांत ठाकुर सिरमौर (Sirmour) के धारटीधार क्षेत्र का रहने वाला था. वह कश्मीर (Jammu Kashmir) के बारामूला में तैनात था. परिजनों को देर रात उसकी शहादत की खबर मिली है.

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नाहन. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) का एक और लाल देश के लिए कुर्बान हुआ है. सूबे का 24 साल का जवान बारमूला (Baramula) में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में शहीद (Martyred) हुआ है. शुरुआती जानकारी में पता चला है कि 24 वर्षीय शहीद प्रशांत ठाकुर सिरमौर (Sirmour) के धारटीधार क्षेत्र का रहने वाला था और वह जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) के बारामूला में तैनात था. सेना की तरफ से शहादत की जानकारी परिजनों को दी गई है. खबर मिलने के बाद से ही इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है.

18 साल में हुए थे भर्ती

सिरमौर के ददाहू के चांदनी के समीप कर कर गवाना गांव में शहीद का जन्म हुआ था. 23 सितंबर 2014 को 18 साल की उम्र में भारतीय सेना में भर्ती हुए शहीद प्रशांत ठाकुर ने महज 24 साल की उम्र में ही शहादत पाई है. वह 29 आरआर में तैनात थे. शहीद प्रशांत ठाकुर के परिवार को सोमवार रात 12:30 बजे के आसपास बेटे के शहीद होने की जानकारी दी गई. बताया कि सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकी हमले में प्रशांत शहीद हो गए हैं.



परिवार में एक भाई और माता-पिता
इस खबर के बाद पूरा परिवार रात भर शोक में डूबा रहा. घर पर माँ रेखा देवी व  पिता सुरजन सिंह के अलावा भाई अपने लाल की शादी के सपने  संजोये थे। सब कुछ ठीक-ठाक होने के बाद अब प्रशांत की शादी का सपना था. समूचे इलाके में प्रशांत की शहादत पर शोक की लहर तो है ही साथ ही गर्व भी महसूस किया जा रहा है.

देर रात मिली थी सूचना

शहीद प्रशांत ठाकुर के चचेरे भाई राकेश ठाकुर ने बताया कि बचपन से ही उसे सेना में भर्ती होने का जुनून थी. इतनी कम उम्र में शहादत को पाएगा इस बात का किसी को भी रत्ती भर का इल्म नहीं था. उन्होंने बताया कि देर रात फोन पर घटना की जानकारी मिली थी. उन्होंने बताया कि शहीद का एक बड़ा भाई है.

जल्द घर पहुंचेगा पार्थिव शरीर

सैनिक वेलफेयर बोर्ड के उप निदेशक मेजर दीपक धवन ने कहा कि वह श्रीनगर में सैन्य अधिकारियों के संपर्क में हैं. प्रयास किया जाएगा की पार्थिव देह को जल्द से जल्द पैतृक गांव में लाया जाए. शहीद के दोस्तों रवि शर्मा व पारुल ने बताया  कि उसे बचपन से ही देश भक्ति का जनून था.
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