हिमाचल-उत्तराखंड पुलिस ने अवैध खनन को लेकर की माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई
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हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की राज्य पुलिस ने खनन माफियाओं पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है.

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हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की राज्य पुलिस ने खनन माफियाओं पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. अवैध खनन और ओवरलोडिंग को लेकर उत्तराखंड सरकार ने पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए है, जिसे धरातल पर उतारने के लिए विकासनगर पुलिस कप्तान बी.एस. धोनी की टीम जुट गई है. हिमाचल के पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में पुलिस ने पांवटा साहिब से जाने वाले ओवरलोडिड ट्रकों पर कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. पांवटा साहिब के स्टोन क्रशर्स से रोजाना सैंकड़ों ओवरलोडेड ट्रक उत्तराखंड जाते थे, लेकिन पिछले तीन दिनों से कुल्हाल बॉर्डर क्रॉस करते ही उत्तराखंड पुलिस ने ओवरलोडिंग और अवैध खनन पर सख्ती दिखाते हुए कार्रवाई करनी शुरू कर दी है. यही वजह है कि डर से ओवरलोडिड ट्रकों का पांवटा साहिब की सड़कों के किनारे जमावड़ा लगा रहा. इसकी सूचना मिलने के बाद पांवटा पुलिस ने भी चालान काटने शुरू किए.

आधे दर्जन विभाग मिलकर दे रहे कार्रवाई को अंजाम

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हिमाचल-उत्तराखंड पुलिस ने अवैध खनन माफियाओं पर कार्रवाई करती हुई.




कुछ दी देर बाद करीब आधे दर्जन संबंधित विभागों ने सयुंक्त टीम का गठन कर ओवरलोडिड और अवैध खनन को लेकर कार्रवाई शुरू की. दोनों राज्यों में एक साथ हो रही कार्रवाई की वजह से खनन माफिया के बीच हड़कंप मच गया है. कार्रवाई का इतना असर हुआ की स्टोन क्रशर्स पर कुछ ही ट्रक नज़र आ रहे हैं, जबकि यहां से रोजाना सैंकड़ों ट्रक चलते रहते हैं.
हिमाचल से क्रशर का सर्वाधिक सामग्री उत्तराखंड से जाता है

उत्तराखंड में हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब से खनन सामग्री की सप्लाई की जाती है. उत्तराखंड में सबसे ज्यादा क्रशर का मैटीरियल पांवटा साहिब से ही जाता है. यहां विभागों की मिलीभगत से रोजाना सैंकड़ों ओवरलोडेड ट्रक उत्तराखंड के लिए रवाना होते रहे हैं. पांवटा साहिब में ओवरलोडिंग को लेकर नाम मात्र के चालान किये गए जबकि यहां से क्रॉस होकर उत्तराखंड में दाखिल होने वाले ट्रकों के चालान की संख्या हज़ारों में है. जुलाई महीने के आंकड़े पहले से ज्यादा हो सकते है.

तीन दिन की कार्रवाई में माफिया के होश उड़े

हालांकि उत्तराखंड पुलिस की सख्त कार्रवाई के बाद हिमाचल पुलिस और सम्बंधित विभाग नींद से जागे जरूर है लेकिन अब देखना ये होगा की ये कार्रवाई कब तक जारी रहेगी. फिलहाल तीन दिनों में ही खनन माफियाओं के होश उड़े हैं, कार्रवाई से न केवल ओवरलोडिंग पर शिकंजा कसा है बल्कि हिमाचल सरकार को लाखों का राजस्व का घाटा लगने से भी बचा है.

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