Lockdown: 12 घंटे तक फंदे पर झूलती रही नाबालिग बेटी की लाश, रोते-बिलखते रहे परिजन
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Lockdown: 12 घंटे तक फंदे पर झूलती रही नाबालिग बेटी की लाश, रोते-बिलखते रहे परिजन
एसीपी ने बताया कि मृतक के परिजनों ने पुलिस को बताया है कि टिक- टॉक पर उसकी वीडियो को लाइक नहीं मिल रहे थे. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

पांवटा साहिब के डीएसपी सोमदत्त ने बताया कि पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर अंतिम संस्कार के लिए परिजनों के सौंप दिया है. मौके से कोई सुसाइड नोट या आत्मा हत्या के कारणों की कोई जानकारी फ़िलहाल नहीं मिल पाई है.

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रोनहाट (सिरमौर). पूरे देश और प्रदेश में कोरोना (Corona) महामारी से निपटने के लिए कर्फ्यू में पुलिस की बेहतरीन कार्य के लिए प्रशंसा की जा रही है, लेकिन कई जगह पुलिस (Police) की लापरवाही भी सामने आ रही है. हिमाचल के सिरमौर (Simour) जिले के शिलाई में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली के साथ इंसानियत पर भी सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं.

सुसाइड के कारणों का पता नहीं
जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह तक़रीबन साढ़े आठ बजे शिलाई उपमण्डल की श्री क्यारी पंचायत के डुमोड़ी गाँव में 17 वर्षीय युवती ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली. अनुसूचित जाति और बेहद ही गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाली इस युवती का शव करीब 12 घंटों तक फांसी के फंदे में झूलता रहा. शाम को साढ़े आठ बजे जब पुलिस मौके पर पहुंची, तब जाकर शव को उतार कर पोस्टमार्टम के लिए शिलाई अस्पताल लाया गया. शुक्रवार सुबह 10 बजे के बाद चिकित्सकों द्वारा शव का पोस्टमार्टम करके परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया. परिजन पुलिस का इंतजार करते रहे, इसलिए शव फंदे नहीं उतार सके.

12 किलोमीटर की दूरी के लिए 12 घंटे
हैरानी की बात ये है कि घटना स्थल से पुलिस थाना शिलाई की दुरी महज 12 किलोमीटर है और पुलिस को मौके तक पहुँचने में 12 घंटों का समय लग गया. इस दरमियां रोते बिलखते परिजनों की आँखों के सामने ही मृत युवती का शव पड़ा रहा. क्ष्रेत्र के लोग पुलिस और प्रशासन की लापरवाही से आक्रोशित हैं.



सुबह ही दी थी सूचना
स्थानीय हलके के नम्बरदार नेत्तर सिंह ने बताया कि प्रशासन को मामले की सूचना सुबह दे दी गई थी, मगर पुलिस मौके पर देर शाम को पहुंची. गाँव सड़क सुविधा से भी जुड़ा हुआ है. पीड़ित अनुसूचित जाति और बेहद ही गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं. सरकार और प्रशासन को इस गरीब परिवार के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध करवानी चाहिए.

यह बोली पुलिस
मामले की पुष्टि करते हुए पांवटा साहिब के डीएसपी सोमदत्त ने बताया कि पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर अंतिम संस्कार के लिए परिजनों के सौंप दिया है. मौके से कोई सुसाइड नोट या आत्मा हत्या के कारणों की कोई जानकारी फ़िलहाल नहीं मिल पाई है. मामला दर्ज करके आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है.

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