दीये की रोशनी में गुजरती है बैसू राम की रातें, बेटी को छोड़नी पड़ी पढ़ाई

सिरमौर जिला की कोटिधिमान पंचायत के च्युना गांव के बैसू राम के परिवार की जिंदगी अंधेरे में गुजरती है.

satish sharma | News18 Himachal Pradesh
Updated: July 20, 2019, 4:32 PM IST
satish sharma | News18 Himachal Pradesh
Updated: July 20, 2019, 4:32 PM IST
सिरमौर जिला की कोटिधिमान पंचायत के च्युना गांव के एक गरीब परिवार की हालात देखकर कोई भी द्रवित हो उठेगा, लेकिन जिला प्रशासन की कान पर जूं तक नहीं रेंगती है. इस गांव में बैसू राम का परिवार रहता है. इनके घर में आज तक ना तो बिजली पहुंच पाई है और ना ही इनके पास रहने के लिए कोई सुरक्षित मकान है. बिना बिजली के यहां रातें सिर्फ दीये की रोशनी में गुजरती है. बैसू राम और उसकी पत्नी का कहना है कि कई दशकों से वह इस मकान में रह रहे हैं. मकान पुराना हो गया है, जो कभी भी दरक सकता है.

घर में घुस आता है बरसात का पानी

poor family-गरीब परिवार
बैसू राम का मकान पुराना हो गया है, जो कभी भी दरक सकता है.


यह परिवार किसी तरह दिहाड़ी करके गुजर बसर कर रहा है. इस छोटे से मकान में बैसू राम के साथ उसकी पत्नी के अलावा चार बेटियां और दो बेटे रहते हैं. इस परिवार का जीवन मुश्किलों भरा है और इस मुश्किल को बरसात का पानी घुसकर और बढ़ा डालती है.

दादा ने सड़क के लिए दी थी दान में जमीन, नहीं बनी सड़क

बैसू राम की बेटी का कहना है कि घर में बिजली ना होने के चलते और गरीबी के कारण उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी है. वही स्कूल के लिए भी करीब डेढ़ से 2 घंटे का पैदल सफर तय करना पड़ता था. इनका कहना है कि इनके दादा ने सड़क बनाने के लिए जमीन भी दान दे दी थी मगर आज तक सड़क नहीं पहुंच पाई है. किसी के बीमार होने की स्थिति में मरीज को कंधों पर उठाकर सड़क तक पहुंचाना पड़ता है।

इस परिवार को सरकारी योजना का लाभ नहीं मिला
Loading...

सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनाने और गृहिणी सुविधा योजना के तहत मुफ्त गैस सिलेंडर देने का वायदा करती है. मगर यह दोनों ही लाभ इस परिवार को नहीं मिल पाए हैं.

यह भी पढ़ें: कश्मीर में आतंकी हमले में हिमाचल का 24 साल का जवान साहिल शहीद

हिमाचल के मनाली में किशोरी का मर्डर, ब्यास नदी में फेंक दी लाश
First published: July 20, 2019, 4:28 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...