सिरमौर: 3 साल से लटका साढ़े 3 करोड़ रुपये से स्थापित ऑक्सीजन प्लांट शुरू

कोरोना के गंभीर प्रकृति के रोगियों को मेडिकल ऑक्सीजन गैस की अधिक जरूरत रहती है. (प्रतीकात्मक फोटो)
कोरोना के गंभीर प्रकृति के रोगियों को मेडिकल ऑक्सीजन गैस की अधिक जरूरत रहती है. (प्रतीकात्मक फोटो)

Oxygen Plant in Nahan Medical College: देशभर में कोरोना संकट के दौरान ऑक्सीजन की मांग बढ़ गई थी. कई राज्यों के अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी देखी गई थी. ऐसे में हिमाचल में प्लांट शुरू होने से मरीजों को सहूलियत मिलेगी.

  • Share this:
नाहन. हिमाचल प्रदेश के सिरमौर (Sirmour) जिले में आखिरकार डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज नाहन (Nahan) में ऑक्सीजन (Oxygen Plant) प्लांट शुरू हो गया है. पिछले 3 साल से ऑक्सीजन प्लांट का काम अधर में लटका हुआ था.

मेडिकल कॉलेज में करीब साढ़े 3 करोड़ की लागत से इस प्लांट को स्थापित किया गया है. जिससे मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के 284 बिस्तरों को ऑक्सीजन लाइन से जोड़ दिया गया है. अब प्लाट के शुरू होने से यहां आने वाले रोगियों को सुविधाएं मिलेंगी.

क्या बोले अधिकारी



मेडिकल कॉलेज नाहन के प्रिंसिपल डॉ एनके महेंद्रू ने बताया कि मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के सभी बिस्तरों को ऑक्सीजन लाइन से जोड़ा गया है, ताकि किसी भी समय रोगी को ऑक्सीजन किस सुविधा मिल सके. गौर हो कि पूर्व में अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट की सुविधा उपब्लध नही थी. ऑक्सीजन प्लांट का कार्य पिछले 3 सालों से अधर में लटका था, लेकिन अब प्लांट के शुरू होने से यहां आने वाले रोगियों को प्रत्येक वार्ड में ऑक्सीजन सुविधा उपलब्ध होगी.
 कोरोना काल में ऑक्सीजन की कमी

देशभर में कोरोना संकट के दौरान ऑक्सीजन की मांग बढ़ गई थी. कई राज्यों के अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी देखी गई थी. ऐसे में हिमाचल में प्लांट शुरू होने से मरीजों को सहूलियत मिलेगी. दरअसल, कोरोना संक्रमित होने पर कई मरीजों को सांस लेने में दिक्कत पेश आती है. ऐसे में कृत्रिम ऑक्सीजन की सप्लाई देनी पड़ती है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज