17 साल पहले लगे मीटर का एक्स्ट्रा सिक्योरिटी फीस मांग रहा बिजली विभाग, 7 हजार उपभोक्ताओं को नोटिस

सिरमौर में उपभोक्ताओं को नोटिस भेजे गए हैं. (सांकेतिक तस्वीर)
सिरमौर में उपभोक्ताओं को नोटिस भेजे गए हैं. (सांकेतिक तस्वीर)

Electricity department notice in Nahan: विद्युत विभाग द्वारा जारी किए गए इन नोटिस को लेकर उपभोक्ताओं में काफी रोष है. उपभोक्ताओं का कहना है कि विभाग द्वारा जारी किए गए नोटिस किसी भी सूरत में सही नहीं है

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 17, 2020, 8:33 AM IST
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नाहन. हिमाचल प्रदेश में बिजली विभाग (Electricity Department) की लापरवाही का खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है. मामला सूबे के सिरमौर (Sirmpour) जिले से है. यहां 17 साल बाद अब विभाग ने अतिरिक्त सिक्योरिटी शुल्क (Security Fees) के लिए सात हजार उपभोक्ताओं को नोटिस भेजे हैं.

दरअसल, कोरोना काल में जहां लोग आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, वहीं बिजली विभाग ने शहर के 7000 उपभोक्ताओं को बढ़े हुए सिक्योरिटी शुल्क को वसूलने के लिए नोटिस जारी किए हैं. ऐसे में फैसले पर सवाल उठना तो लाजिमी है.

शहर में चौदह हजार के करीब उपभोक्ता
विद्युत उपमंडल के नाहन के तहत आने वाले करीब साढ़े 13 हजार उपभोक्ताओं में से सात हजार उपभोक्ताओं को स्वीकृत लोड की बढ़ी हुई दरों के हिसाब से लाखों रुपए की रिकवरी के डिमांड नोटिस थमाए है. उपमंडल कार्यालय में हुए इन्टरनल ऑडिट के आधार पर 2003 से पहले जिन उपभोक्ताओं ने कनेक्शन लगवाए थे, उनको वसूली नोटिस जारी किए गए हैं,
लोगों ने रोष


विद्युत विभाग द्वारा जारी किए गए इन नोटिस को लेकर उपभोक्ताओं में काफी रोष है. उपभोक्ताओं का कहना है कि विभाग द्वारा जारी किए गए नोटिस किसी भी सूरत में सही नहीं है. लोगों का कहना है कि विभाग ने ऐसे उपभोक्ताओं को भी नोटिस दिए हैं, जिनकी खपत पहले जितनी ही है. ऐसे में इन उपभोक्ताओं से अतिरिक्त शुल्क भी नहीं लिया जाना चाहिए.

क्या बोले अधिकारी
विद्युत बोर्ड के एसडीओ केपी सिंह का कहना है कि 2003 से पहले उपभोक्ताओं ने जब कनेक्शन लगवाए थे, उस वक्त स्वीकृत होने वाले लोड की दर प्रति किलो वाट 50 रुपए थी. अब यह दर बढ़कर 170 रुपए हो गई है. बोर्ड के इन्टरनल ऑडिट में सामने आए मामले के बाद उपभोक्ताओं से लोड की बढ़ी हुई दरों के हिसाब से बकाया वसूल जा रहा है. उन्होंने बताया कि यह सिक्योरिटी राशि रिफंडेबल है.
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