• Home
  • »
  • News
  • »
  • himachal-pradesh
  • »
  • Sirmaur Landslide: जहां भूस्खलन हुआ था, उसी जगह फिर से निकाला जा सकता है रोड

Sirmaur Landslide: जहां भूस्खलन हुआ था, उसी जगह फिर से निकाला जा सकता है रोड

सिरमौर में शिलाई पांवटा हाईवे बंद है. (FILE PHOTO)

Sirmaur Landslide: विशेषज्ञों ने बताया कि भूवैज्ञानिकों की टीम ने अध्ययन में पाया है कि सड़क की मौजूदा अलाइनमेन्ट पर ही पहाड़ की कटाई और खाली हिस्से को भरने से रोड को दोबारा बनाया जा सकता है.

  • Share this:

    नाहन. हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश (Rain) से सड़कों की हालत दयनीय हो गई है. सिरमौर जिले में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (चंडीगढ़) की तीन सदस्यीय टीम ने पांवटा साहिब-शिलाई-हाटकोटी-707 पर गत दिनों हुए भूस्खलन का अध्ययन कार्य पूरा कर लिया है. टीम ने भूस्खलन स्थल का दो दिन का दौरा कर पहले गहन अध्ययन किया फिर सिरमौर के डीसी से मुलाक़ात कर वस्तुस्थिति से अवगत करवाया. टीम ने उपायुक्त (DC Sirmour) राम कुमार गौतम को बताया कि जहां भूस्खलन हुआ था, उसी जगह फिर से रोड निकाला जा सकता है. इसके अतिरिक्त टीम ने यह भी बताया कि सड़क निर्माण कार्य से बड़वास गांव को कोई खतरा नहीं होगा. उपायुक्त ने कहा कि टीम के अनुसार, पहाड़ की कटाई और खाली हिस्से को भरने से रोड को पुनः बनाया जा सकता है. उन्होंने बताया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय/राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने रोड को एक सप्ताह में एक तरफ से यातायात के लिए चालू करने का आश्वास दिया है.

    लोगों से मदद की अपील
    राम कुमार गौतम ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जब इस रोड का कार्य शुरू होगा तो इस कार्य में पूरा सहयोग दें, ताकि जल्दी से जल्दी इस रोड को यातायात के लिए फिर से शुरू किया जा सके. अध्ययन टीम का नेतृत्व कर रहे निदेशक (इंजीनियरिंग भूविज्ञान) मनोज कुमार ने बताया कि उनके साथ भूविज्ञानी पी. जगन और सहायक भूविज्ञानी ए. पुनिया इस टीम में शामिल रहे.

    टीम ने भूस्खलन स्थल का दो दिन दौरा कर गहन अध्ययन कर डीसी सिरमौर से मुलाक़ात कर वस्तुस्थिति से अवगत करवाया.

    टीम द्वारा अध्ययन के दौरान पाया गया कि भूस्खलन स्थल पर पहले चूना पत्थर के लिए माइनिंग होती रही है, जिस वजह से उस क्षेत्र की भूमि को क्षति पहुंची होगी. इसके बाद भूस्खलन से दो दिन पहले हुई तेज बारिश के रिसाव की वजह से पहाड़ का कुछ हिस्सा अपनी जगह से खिसक गया.

    कैसे बनेगा रोड
    मनोज कुमार ने बताया कि टीम ने अध्ययन में पाया है कि सड़क की मौजूदा अलाइनमेन्ट पर ही पहाड़ की कटाई और खाली हिस्से को भरने से रोड को पुनः बनाया जा सकता है. इसके अतिरिक्त इस कार्य से बड़वास गांव को भी कोई खतरा नहीं होगा. बता दें कि सिरमौर में शिलाई-पांवटा साहिब मार्ग के अलावा रेणुकाजी में बड़ा भूस्खलन हुआ था.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज