हिमाचल: कोरोना की लड़ाई में विदेशों से भी मिली मदद, अब भिखारियों को भी लगेगा कोरोना का टीका

हिमाचल में अब भिखारियों को भी कोरोना वैक्सीन लगाई जाएगी.

हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) को कोरोना से लड़ाई के लिए विदेशों से मदद मिल रही है. प्रदेश को अमेरिका (America) से 80 हजार एन-95 मास्क, इंग्लैंड से 36 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर और ताइवान से 185 ऑक्सीजन सिलेंडर (Oxygen Cylinder) मिले हैं.

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शिमला. हिमाचल (Himachal) में 18 वर्ष या इससे अधिक आयु के भिखारियों और घुमंतु साधुओं को भी कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) लगाई जाएगी. इनके अलावा जेलों में बंद कैदी, मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों में रखे गए लोग, वृद्धाश्रम में रह रहे लोगों और विभिन्न शिविरों में रहने वाले लोगों का भी टीकाकरण किया जाएगा. इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने योजना तैयार की गई है.

इनमें से जिनके पास निर्धारित व्यक्तिगत पहचान पत्र नहीं है. इस स्थिति में फैसला किया गया है कि जिला टास्क फोर्स संबंधित जिलों में ऐसे लोगों की पहचान करेंगे. इसके लिए की-फैसिलिटेटर चिह्न किया जाएगा. जिसके पास एक वैध और एक्टिव मोबाइल फोन होना चाहिए और निधारित अनिवार्य पहचान पत्रों में से एक पहचान पत्र होना आवश्यक है. यह सार्वजनिक और निजी संस्थानों के अधिकारी हो सकते हैं, जो आम तौर पर पहचान किए गए समूहों में लोगों की देखभाल और सेवाएं प्रदान करते हैं.

जैसे कि जेल में बंद कैदियों के लिए जेल अधिकारी, कार्यकारी अधिकारी और वृद्धाश्रमों के अधिकारी. नेशनल हेल्थ मिशन के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. गोपाल बेरी ने इसकी जानकारी दी है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से जानकारी मिली है कि कोरोना की इस लड़ाई में विदेशों से भी हिमाचल को मदद मिली है. प्रदेश को संयुक्त राज्य अमेरिका से 80 हजार एन-95 मास्क, इंग्लैंड से 36 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर और  ताइवान से 185 ऑक्सीजन सिलेंडर की सहायता प्राप्त हुई है. इसके अलावा कुवैत से 188 चिकित्सा ऑक्सीजन सिलेंडर और 107 कम भार वाले एल्युमिनियन ऑक्सीजन सिलेंडर की मदद मिली है.

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ऑक्सीजन के संबंध में स्वास्थ्य की ओर से जानकारी मिली है कि चंबा के पंडित जवाहर लाल नेहरू राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय में 400 लीटर प्रति मिनट की क्षमता वाला ऑक्सीजन पीएसए प्लांट कार्यशील हो गया है. यह पीएसए प्लांट अस्पताल में भर्ती कोरोना मरीजों की ऑक्सीजन की जरूरत को पूरा करेगा.

कोरोना टीकाकरण को लेकर जानकारी मिली है कि प्रदेश में अब तक 19.8 लाख से अधिक खुराकें दी जा चुकी हैं. टीकाकरण करवाने वाले लोगों का पोर्टल पर डाटा भरने में कुछ गलतियां पाई गई हैं. इसलिए सभी कोविड टीकाकरण केन्द्रों को निर्देश दिए गए हैं कि कोविन पोर्टल में ऑनलाइन पंजीकरण करवाने वाले लाभार्थियों की टीकाकरण संबंधी जानकारी भरते समय चार अंकों का सिक्योरिटी कोड भी भरा जाए.

इस प्रक्रिया द्वारा कम से कम गलतियां होने की संभावना है. इसके अतिरिक्त जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि जांच करने पर यह पाया जाता है कि टीकाकरण के लिए पंजीकरण करवाने वाले व्यक्ति के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को जानबूझकर फायदा पहुंचाने के लिए गलत डाटा रिकार्ड किया गया है, तो ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ कारवाई की जाएगी.

तीसरे चरण के टीकाकरण अभियान की शुरुआत जल्द की जाएगी, जिसमें 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग के लोगों को शामिल किया गया है. पात्र व्यक्ति किसी भी पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड, वोटर आई कार्ड, पासपोर्ट, ड्राईविंग लाईसेंस, पैन कार्ड, स्मार्ट कार्ड या पेंशन दस्तावेज, जिस पर फोटो लगा हो, के आधार पर कोविन पोर्टल पर अपना पंजीकरण कर सकता है.