मॉनसून से निपटने की तैयारी, 4 सेक्टरों में बांटा शिमला, टोल फ्री नम्बर जारी

लोगों को बरसात के दिनों में ज्यादा असुविधा पेड़ों के गिरने से होती है. उन्होनें वन विभाग व वन निगम को इस संबध में समन्वित रूप से पेड़ों को मार्ग से हटाने के लिए कार्य करने के आदेश दिए.


Updated: June 14, 2018, 4:41 PM IST
मॉनसून से निपटने की तैयारी, 4 सेक्टरों में बांटा शिमला, टोल फ्री नम्बर जारी
मॉनसून से निपटने के लिए शिमला प्रशासन की तैयारी (सांकेतिक तस्वीर.)

Updated: June 14, 2018, 4:41 PM IST
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में बरसात के समय कोई अप्रिय घटना न हो, इससे निपटने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है. बरसात से निपटने के लिए उपायुक्त शिमला अमित कश्यप ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों से बैठक की और अधिकारियों को पर्याप्त इंतजाम करने के निर्देश दिए.

जिला में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने टोल फ्री नम्बर 1077 जारी किया है. जो लोगों की सुविधा के लिए 24 घंटे रहेगा कार्यशील रहेगा.

अमित कश्यप ने कहा कि प्राथमिक तौर पर सड़क, पेयजल उपलब्धता व बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा खाद्य आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने के लिए संबधित विभाग जरूरी कदम समयबद्ध उठाएं. उन्होने सभी विभागों को किसी भी तरह की आपदा से निपटने के लिए पर्याप्त उपकरण तथा अन्य आवश्यक सामाग्री तैयार रखने के आदेश दिए हैं.

उन्होंने कहा कि लोगों को बरसात के दिनों में ज्यादा असुविधा पेड़ों के गिरने से होती है. उन्होनें वन विभाग व वन निगम को इस संबध में समन्वित रूप से पेड़ों को मार्ग से हटाने के लिए कार्य करने के आदेश दिए.

इस दौरान जलजनित व अन्य रोगों के पनपने की संभावना रहती है. उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से लोगों के बचाव के लिए जरूरी दवाओं व अन्य जरूरी उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा.

डीसी अमित कश्यप ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को बरसात के दौरान सड़कों की मुरम्मत के लिए सभी कदम समयबद्ध उठाने के निर्देश दिए और जिन स्थानों पर मलबा गिरने के कारण यातायात व्यवस्था बाधित होने की संभावना होती है, वहां डोजर, जेसीबी व अन्य मशीनें तैनात की जाएं.

नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए
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उन्होंने बताया कि मानसून ऋतु के दौरान आपदा प्रबंधन के तहत शिमला शहर को चार सैक्टर में विभाजित किया गया है और इन सभी सेक्टर में प्रमुख विभागों के नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं.

उन्होंने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी स्वच्छ पेयजल की सुचारू आपूर्ति व पेयजल की क्लोरिनेशन करने के निर्देश भी दिए.
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