शिमला: निजी शिक्षण संस्थानों पर कसेगा शिकंजा, अब ऑनलाइन करनी होगी हर जानकारी

प्रतीकात्मक फोटो.
प्रतीकात्मक फोटो.

निजी विश्वविद्यालयों (Private universities) और प्राइवेट शिक्षण संस्थानों को अब हर जानकारी को ऑनलाइन (online) करना होगा. निजी शिक्षण संस्थानों में मिल रही फर्जीवाड़े की शिकायत के बाद नियामक आयोग (Regulatory commission) ने यह फैसला लिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 20, 2020, 11:39 AM IST
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शिमला. निजी विश्वविद्यालयों (Private universities) और प्राइवेट शिक्षण संस्थानों में लगातार बढ़ते फर्जीवाड़ों और अनियमित्तताओं को लेकर नियामक आयोग (Regulatory commission) एक्शन के मूड़ में नजर आ रहा है. ज्यादातर निजी शिक्षण संस्थानों में छात्रों के एडमिशन से लेकर डिग्री तक में कई तरह के फर्जीवाड़े होते हैं. शिक्षकों की नियुक्ति, उनके वेतन से लेकर अन्य स्टाफ की भर्ती तक में नियमों को ताक पर रखा जाता है. जो कोर्स (Course) करवाए जाते हैं, उन पर सवाल हैं और जो मोटी फीस वसूली जाती है उसको लेकर भी कई तरह की शिकायतें निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग को लगातार मिल रही हैं. आयोग का कहना है कि कई संस्थानों में आधारभूत ढांचे को लेकर उंगलियां उठ रही हैं.

कार्रवाई के मूड में आयोग
शिकायतों को देखते हुए आयोग सख्त हो गया है. आयोग ने सभी संस्थानों को आदेश जारी किए हैं कि वो अपने संस्थान से जुड़ी हर जानकारी ऑनलाइन करें. एडमिशन से लेकर छात्रों की संख्या और फीस से जुड़ी पूरी जानकारी को पारदर्शी करना होगा. ये जानकारी न केवल संस्थान की वेबसाइट पर बल्कि आयोग की वेबसाइट पर भी अपलोड की जाएगी. निजी शिक्षण संस्थान जो जानकारी आयोग के भेजेंगे उसका वैरीफिकेशन कराया जाएगा. समय-समय पर आयोग इन्सपेक्शन टीम भी भेजेगा. आयोग के चेयरमेन पर सेवानिवृत मेजर जनरल अतुल कौशिक ने कहा कि इस ऑनलाइन मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए पूरी नजर रखी जाएगी. उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे फर्जी डिग्रियों और अन्य अनिमित्तताओं पर रोक लगेगी.

हाई पावर कमेटी के गठन की तैयारी
उन्होंने कहा कि आयोग विचार कर रहा है कि अनियमत्तताओं और अन्य मामलों को लेकर एक हाई पावर कमेटी का गठन किया जाए. इस कमेटी में रिटार्यड जज, सेवानिवृत डीजीपी और शिक्षाविदों को शामिल किया जाएगा. कमेटी के कार्य को लेकर एक प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए सरकार को भेजा जाएगा. आयोग के सदस्य प्रोफेसर कमलजीत सिंह ने कहा कि अब किसी भी तरह की अनियमित्तताओं को बर्दाशत नहीं किया जाएगा. आपको बता दें कि हिमाचल प्रदेश में काफी संख्या में निजी शिक्षण संस्थान हैं.



इतने हैं प्राइवेट संस्थान
प्रदेश में 17 प्राइवेट यूनिवसिटी हैं, 10 बायोसाइंसिज इंस्टीट्यूट हैं, 84 बीएड और एमएड प्राइवेट कॉलेज हैं, 51 डिग्री इंस्टीट्यूट, 4 डेंटल और 1 होमियोपैथिक इंस्टीट्यूट, 13 इंजीनियरिंग, 9 लॉ इंस्टीट्यूट, 5 मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट, 1 एमसीए, 40 नर्सिंग, 12 फार्मेसी और 15 प्राइवेट संस्कृत इंस्टीट्यूट हैं.
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