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सतलुज में सिल्ट बढ़ने से नाथपा-झाकड़ी में बिजली का उत्पादन ​रुका, छा सकता है अंधेरा!

सतलुज में सिल्ट बढ़ने से नाथपा-झाकड़ी में बिजली का उत्पादन ​रुका, छा सकता है अंधेरा!

नाथफा झाखड़ी में रविवार से बिजली का उत्पादन रविवार की सुबह 9:30 बजे से स्थगित कर दिया गया है.

नाथफा झाखड़ी में रविवार से बिजली का उत्पादन रविवार की सुबह 9:30 बजे से स्थगित कर दिया गया है.

हिमाचल प्रदेश के नाथफा झाखड़ी और रामपुर हायडल प्रोजेक्ट में बिजली का उत्पादन रविवार की सुबह से स्थगित कर दिया गया है.

    हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के चलते ब्यास, सतलुज, सरसा समेत सभी नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इन नदियों में गाद का स्तर काफी बढ़ गया है. देश के सबसे बड़े भूमिगत जल विद्युत परियोजना (hydroelectric project) नाथफा झाकड़ी में रविवार से बिजली का उत्पादन रविवार की सुबह 9:30 बजे से स्थगित कर दिया गया है. ऐसा सतलुज Sutlej नदी की सहायक नदी भाबा खड्ड नदी में गाद (silt) की मात्रा बढ़ जाने के चलते किया गया है. किन्नौर जिला स्थित नाथफा झाखड़ी विद्युत परियोजना से 1500 मेगावॉट बिजली का उत्पादन होता है. यहां बिजली का उत्पादन स्थगित कर ​दिया गया है. इन दोनों प्रोजेक्ट से हिमाचल को छोड़कर पांच दूसरे प्रदेश को बिजली जाती है. ऐसे में वहां बिजली में कटौती हो सकती है.

    रामपुर में ​रुका बिजली का उत्पादन

    Rampur hydel project-रामपुर हायडल प्रोजेक्ट
    शिमला जिले के रामपुर में विद्युत परियोजना के तहत 412 मेगावॉट का उत्पादन होता है, को भी फिलहाल स्थगित करना पड़ा है.


    इसके अलावा शिमला जिले के रामपुर में विद्युत परियोजना (Rampur hydel project) के तहत 412 मेगावॉट का उत्पादन होता है, को भी फिलहाल स्थगित करना पड़ा है. विद्युत परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि किन्नौर जिले स्थित नाथफा झाखड़ी डैम के आसपास सतलुज में सिल्ट की मात्रा बढ़कर 8000 पीपीएम (parts per million) हो गई है. राज्य में बहने वाली नदियां खतरे के निशान से उपर बह रही हैं. गौरतलब है कि कांगड़ा जिले में इस साल 118 और धर्मशाला में 115 मिलीमीटर रिकॉर्ड बारिश हुई है.

    बाबा खड्ड नदी के चलते सतलुज में बढ़ रही है सिल्ट की मात्रा

    नाथफा झाखड़ी से जुड़े एक अधिकारी ने नाम ना देने की शर्त पर बताया कि डैम में किसी भी सूरत में 5000 पीपीएम से कम नहीं हो रहा है इसलिए यहां बिजली का उत्पादन फिलहाल बंद रहेगा. उन्होंने बताया कि सतलुज नदी में गाद की मात्रा उसकी सहायक नदियों के चलते बहुत ज्यादा बढ़ गई है. खासतौर पर बाबा खड्ड नदी के चलते सतलुज में गाद की मात्रा बढ़ रही है, जो चिंताजनक है.

    बारिश का आठ साल का रिकॉर्ड टूटा

    हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार से ही जमकर बारिश हो रही है जिसके कई जिलों में लैंडस्लाइड की घटना हुई है. लैंडस्लाइड और बाढ़ के चलते राज्य के राज्य की 18 नेशनल हाइवे और 887 सड़कें बंद हैं. मौसम विभाग के अनुसार 2011 के बाद 18 अगस्त 2019 को पिछले 24 घंटों में रिकॉर्डतोड़ बारिश दर्ज की गई है. प्रदेश में 17-18 अगस्त को पूरे प्रदेश में 102 मिलीमीटर बारिश हुई है. 2011 में अगस्त महीने में 72 मिलीमीटर बारिश हुई थी. जाहिर सी बात है कि अधिक बारिश के चलते नदियों में गाद के स्तर में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है.

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    Tags: Kinnaur District, Power consumers, Shimla, Sutlej Yamuna link

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