जानिए क्यों, 10 हजार हिमाचलियों ने पीएम नरेंद्र मोदी को लिखी चिट्ठी

हिमाचल प्रदेश के 10 हजार लोगों ने पीएम नरेंद्र मोदी को नदियों और प्राकृतिक जलस्रोतों को बचाने के लिए चिठ्ठी लिखकर हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है.

News18 Himachal Pradesh
Updated: July 8, 2019, 4:12 PM IST
जानिए क्यों, 10 हजार हिमाचलियों ने पीएम नरेंद्र मोदी को लिखी चिट्ठी
देहरा - खनन माफिया के खिलाफ लोगों ने पत्र के जरिए पीएम साधा संपर्क
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Updated: July 8, 2019, 4:12 PM IST
हिमाचल प्रदेश के 10 हजार लोगों ने पीएम नरेंद्र मोदी को नदियों और प्राकृतिक जलस्रोतों को बचाने के लिए चिठ्ठी लिखकर हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है.  ब्यास नदी में हो रहे अवैध खनन से भूमि कटाव व लगातार जलस्तर गिर रहा है. इससे आहत होकर सैकड़ों ग्रामीणों ने पीएम मोदी को 10 हज़ार पोस्ट कॉर्ड पोस्ट किए. बता दें कि खनन माफिया द्वारा जेसीबी व पोकलेन से लगातार ब्यास नदी का सीना छलनी किया जा रहा है. जब माइनिंग, पुलिस, एसडीएम, डीसी व मुख्यमंत्री तक शिकायत करने के बाद भी खनन माफिया पर नकेल नहीं कसी गई तो हिन्दू रक्षा दल ने सैकड़ों ग्रामीणों के साथ मिलकर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पहाड़ों व नदियों की दुखभरी व्यथा भेजी.

खनन के खिलाफ सौंपा गया था ज्ञापन

हिन्दू रक्षा दल के प्रदेश अध्यक्ष व ग्राम पंचायत चौली के उप-प्रधान सूर्यवंशी जगवीर सिंह गग्गी व हेमंत राणा ने कहा कि उन्होंने इससे पहले भी अवैध खनन के खिलाफ एसडीएम देहरा धनवीर ठाकुर, डीएफओ देहरा राजकुमार डोगरा, जिला माइनिंग अधिकारी राजीव कालिया को ज्ञापन सौंपा था. लेकिन तमाम लिखित शिकायतों के बावजूद खनन माफिया से निपटने के लिए स्थाई हल नहीं निकाला गया. इसी से खफा होकर आज उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी को 10 हज़ार पोस्ट कार्डों को पोस्ट किया है.

पीएम और सीएम से अवैध खनन रुकवाने की अपेक्षा

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को अवैध खनन से बचाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से सहयोग की अपेक्षा करते हैं. उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के पहाड़ भी अवैध खनन और अवैध कटान की वजह से त्रस्त हैं. पहाड़ गिर रहे हैं, नदियों का जलस्तर गिर रहा है व कुएं बावड़ियों का जलस्रोत खत्म हो रहा है. इससे पीने के पानी व सिंचाई की योजनाएं फेल हो रही हैं. उन्होंने कहा कि ब्यास नदी में भारी मशीनों से अवैध खनन किया जा रहा है. जेसीबी, पोकलेन जैसी मशीनों से ब्यास नदी में आठ से दस फुट तक गड्ढे कर दिए गए हैं. इसका निरीक्षण तमाम अधिकारियों को करवाया गया था.
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उन्होंने कहा कि अगर कोई अधिकारी कार्रवाई करता है तो उसका तबादला कर दिया जाता है. इसके बाद ही सभी ग्रामीणों के साथ मिलकर ये कदम उठाया गया कि पीएम नरेंद्र मोदी से हिमाचल प्रदेश को बचाने की गुहार लगाई जाए ताकि अवैध खनन के राक्षसों से हिमाचल प्रदेश को छुटकारा मिल सके.

प्रशासन ने नहीं की कार्रवाई

स्थानीय लोगों के अनुसार गांव में अवैध खनन की शिकायत स्थानीय प्रशासन से लेकर उपायुक्त कार्यालय तक की जा चुकी है. किसी ने भी अवैध खनन को रोकने का साहस नहीं दिखाया है. प्रशासन ने शायद अब मान लिया है कि खनन पर रोक लगाना उनके बस में नहीं है. संभवत: खनन रुकवाने के लिए पिछले एक सप्ताह में प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई.

(देहरा से ब्रजेश्वर साकी)

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First published: July 7, 2019, 11:30 PM IST
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