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राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती: राजभवन में सुनाई गई बापू की कथा

G.S. Tomar | News18 Himachal Pradesh
Updated: January 18, 2020, 4:29 PM IST
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती: राजभवन में सुनाई गई बापू की कथा
गांधी जयंती के अवसर पर राजभवन में पहली बार गांधी कथा का आयोजन किया गया.

देश राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मना रहा है. गांधी जयंती के अवसर पर राजभवन में पहली बार गांधी कथा का आयोजन किया गया. राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय के मार्गदर्शन में राजभवन के दरबार हॉल में कथा वाचक शोभना राधाकृष्णन ने गांधी जी की जीवन से जुड़े प्रसंग सुनाए.

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शिमला. देश राष्ट्रपिता महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) की 150वीं जयंती (Birth Anniversary) मना रहा है. गांधी जयंती के अवसर पर राजभवन में पहली बार गांधी कथा का आयोजन किया गया. राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय (Bandaru Dattatreya) के मार्गदर्शन में राजभवन के दरबार हॉल में कथा वाचक शोभना राधाकृष्णन ने गांधी जी की जीवन से जुड़े प्रसंग सुनाए. गांधी का प्रिय भजन रघुपति राघव राजा राम, सब को सन्मति दे भगवान की धुन से राजभवन का पूरा माहौल भक्तिमय हुआ. राजभवन में आयोजित गांधी कथा में राज्यपाल सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे और गांधी जी के सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर देश को आजादी दिलाने के बलिदान पर प्रकाश डाला गया.

महात्मा गांधी एक नाम नहीं बलिक विचारधारा हैं: राज्यपाल

राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने अपने संबोधन में कहा कि महात्मा गांधी एक नाम नहीं, बल्कि विचारधारा और आन्दोलन है. उन्होंने कहा कि त्याग, तपस्या और सादगी का दूसरा नाम महात्मा गांधी है. भारतीय संस्कृति उनकी आत्मा में निवास करती थी. राज्यपाल ने कहा कि महात्मा गांधी ने जो मार्ग दिखाया था उस पर चलने की आज भी और आने वाले हजारों सालों तक जरूरत रहेगी और तभी समाज को बुराई मुक्त और राम राज की कल्पना को साकार किया जा सकेगा.

Bandaru Dattatreya
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने अपने संबोधन में कहा कि महात्मा गांधी एक नाम नहीं, बल्कि विचारधारा और आन्दोलन है.


'बापू के संदेश को हजारों साल तक अमल में लाने की जरूरत'

राज्यपाल ने कहा कि महात्मा गांधी ने समाज की उन सभी बुराइयों के खिलाफ शान्तिपूर्ण ढंग से आंदोलन छेड़ा, जिससे समाज का हर वर्ग सम्मान के साथ जीवन यापन कर सकें. राज्यपाल ने कहा कि महात्मा गांधी के जीवन के सभी पहलुओं से एक बड़ा संदेश मिलता है, उनके विराट स्वरूप को शब्द देना बेहद मुश्किल है. ऐसे में उनके संदेश को आज भी अमल लाने की जरूरत है. गांधी का दिखाया मार्ग देश ही के लिए नहीं बल्कि विश्व के लिए प्रेरणास्त्रोत है और आगे भी रहेगा.

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First published: January 18, 2020, 4:29 PM IST
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