हिमाचल में डेंगू के 401 मामले सामने आए, सोलन में सबसे ज्यादा केस

स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदूषण नियत्रंण बोर्ड के सचिव को ओद्यौगिक इकाईयों से निकल रहे प्रदूषित तरल का समुचित निदान सुनिश्चित करवाने तथा पानी के एक जगह पर एकत्र होने को रोकने के लिए प्रभावित क्षेत्रों के सघन निरीक्षण के आदेश दिए हैं.

News18Hindi
Updated: November 14, 2017, 4:21 PM IST
हिमाचल में डेंगू के 401 मामले सामने आए, सोलन में सबसे ज्यादा केस
प्रतीकात्मक तस्वीर.
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Updated: November 14, 2017, 4:21 PM IST
हिमाचल प्रदेश के विभिन्न भागों, विशेषकर सोलन जिला में डेंगू महामारी के फैलने की खबरों पर संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने स्वास्थ्य विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा अन्य सम्बध विभागों के अधिकारियों की बैठक बुलाई.

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि निश्चित तौर पर डेंगू एक भयावह महामारी है और विभाग ने इससे निपटने के लिए व्यापक प्रबन्ध किए हैं. राज्य के विभिन्न भागों में डेंगू की आशंका को लेकर 2,621 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई हैं जिनमें से 401 मामले पॉजीटिव पाए गए हैं.

उन्होंने कहा कि अकेले सोलन जिला में डेंगू के 265 मामले पॉजीटिव पाए गए हैं और इनमें से अधिकांश मामले परवाणू, बद्दी, बरोटीवाला व नालागढ़ (बीबीएनडी) में कार्यरत प्रवासी मजदूरों में पाए गए हैं. उन्होंने कहा कि डेंगू से अभी तक किसी की मौत की खबर नहीं है. मंत्री ने कहा कि प्रदेशभर में डेंगू की निःशुल्क जांच की जा रही है.

पॉजीटिव मामलों में रोगियों को निःशुल्क दवाएं व उपचार सुविधा प्रदान की जा रही है. उन्होंने कहा कि विभाग स्थानीय निकायों को संबंधित क्षेत्रों में स्प्रे करने के लिए फॉगिंग मशीनें उपलब्ध करवा रहा है. उन्होंने स्थानीय निकायों से अपील की है कि किसी भी स्थान पर पानी एकत्र न होने दें, क्योंकि चार-पांच दिनों तक एक जगह पर ठहरा साफ जल भी डेंगू के मच्छर के पैदा होने का कारण बन सकता है.

सोलन जिला प्रशासन को निरीक्षन करने के आदेश
स्वास्थ्य मंत्री ने इस सम्बन्ध में जिला प्रशासन सोलन को एसडीएम, तहसीलदार तथा नायब तहसीलदारों के विभिन्न दल गठित कर प्रभावित क्षेत्रों का व्यापक निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने एसडीएम नालागढ़ को भी क्षेत्र का विस्तृत दौरा व निरीक्षण करने तथा स्थिति का पता लगाने के निर्देश दिए हैं. उल्लंघन करने वाली कम्पनियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

उल्लंघन पर जुर्माने का प्रावधान
कौल सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने पहले ही हिमाचल प्रदेश महामारी डेंगू अधिनियम, 2017 को अधिसूचित किया है जिसमें स्वास्थ्य विभाग, औद्योगिक इकाईयों, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, निरीक्षण अधिकारियों की भूमिका और दायित्वों का विस्तृत उल्लेख किया गया है.

अधिनियम का उल्लंघन करने पर प्रत्येक मामले में 500 रुपये जुर्माने का प्रावधान है. स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदूषण नियत्रंण बोर्ड के सचिव को ओद्यौगिक इकाईयों से निकल रहे प्रदूषित तरल का समुचित निदान सुनिश्चित करवाने तथा पानी के एक जगह पर एकत्र होने को रोकने के लिए प्रभावित क्षेत्रों के सघन निरीक्षण के आदेश दिए हैं.

स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की
डेंगू पर रोक लगाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की है. इसमें खिड़कियों में शीशे बंद रखने, मच्छरों से बचने के लिए क्रीम का प्रयोग करने, पूरी बाजू के कपड़े पहनने, आस-पास पानी एकत्र न होने दें, मच्छरदानी का प्रयोग करने, कूलरों को साफ रखने, जल भंडारणों की नियमित सफाई, पानी के बर्तनों को खुला न रखने की हिदायत दी गई है.

इसके अतिरिक्त, बुखार की स्थिति में हल्के भोजन तथा पानी के अधिक उपयोग, पूरी तरह से आराम करने तथा बुखार के लिये एसप्रिन का प्रयोग न करने व लाल दाग, खून आना, अत्यधिक थकान, सांस की दिक्कत तथा बार-बार उल्टियां आने की स्थिति में तुरंत अस्पताल जाकर अपने रक्त की जांच करवाने की सलाह दी गइ है.
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