कोरोना और लॉकडाउन के बीच इस राज्य की पुलिस ने 414 लापता व्यक्ति को ढूंढ निकाला

गुमशुदा लोगों को तलाश में हिमाचल पुलिस के खोजी दल ने शानदार काम किया है.
गुमशुदा लोगों को तलाश में हिमाचल पुलिस के खोजी दल ने शानदार काम किया है.

हिमाचल पुलिस (Himachal Police) के मुताबिक वर्तमान में राज्य में पिछले 12 वर्षों के दौरान 18,571 लापता व्यक्तियों (Missing Persons) का रिकार्ड दर्ज है. इनमें से अब तक 16,958 व्यक्तियों का पता लगाया जा चुका है और शेष 1,613 व्यक्ति अभी भी लापता हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 21, 2020, 6:50 PM IST
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शिमला. कोराना महामारी (Corona Epidemic) और लॉकडाउन (Lockdown)  के बीच गुमशुदा लोगों को तलाश में हिमाचल पुलिस (Himachal Police) के खोजी दल ने शानदार काम किया है. एक विशेष अभियान के तहत पुलिस ने 414 लापता लोगों (Missing Persons) को ढूंढ निकाला है. कोरोना संकट के बावजूद पुलिस खोजी दल ने इस साल अब तक प्रदेश में 111 पुरुष, 252 महिलाएं, 27 लड़कियां और 24 लड़कों को सफलतापूर्वक तलाश कर उल्लेखनीय काम किया है.

इन जिलों में इतने लोग ढूंढे
पुलिस मुख्यालय से जारी आंकड़ों के अनुसार बिलासपुर में 43, चंबा में 22, हमीरपुर में 29, कांगड़ा में 26, किन्नौर में 12, कुल्लू में 50, लाहौल-स्पिती में 2, मंडी में 70, शिमला में 59, सिरमौर में 62, सोलन में 10, ऊना में 19 और पुलिस जिला बद्दी में 11 लोगों को ढूंढ निकाला है.

2020 में सबसे ज्यादा लोग ढूंढ निकाले
पुलिस के मुताबिक पिछले तीन वर्षों की तुलना करें तो इस साल यानी 2020 में विशेष खोजी अभियान ज्यादा सफल रहा. साल 2017 में 210, वर्ष 2018 में 252 और साल 2019 में 365 लापता व्यक्तियों का पता लगाया गया था. वर्तमान में सबसे अधिक जिला कुल्लू में 221, मंडी में 207 और बद्दी में 194 व्यक्ति लापता हैं.



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पुलिस के मुताबिक पिछले तीन वर्षों की तुलना करें तो इस साल यानी 2020 में विशेष खोजी अभियान ज्यादा सफल रहा.


डीजीपी संजय कुंडू ने ये कहा
डीजीपी संजय कुंडू का कहना है कि किसी भी लापता व्यक्ति के जीवित या मृत होने की पुष्टि नहीं की जा सकती, क्योंकि लापता व्यक्ति का स्थान और वस्तुस्थिति उसके जानने वालों को पता नहीं होती. व्यक्ति के लापता होने के कई कारण हो सकते हैं जैसे कि दुर्घटना, अपराध या अपनी स्वेच्छा से. व्यक्ति के लापता होने पर इसकी रिपोर्ट नजदीकी पुलिस थाना में गुमशुदगी रिपोर्ट के तौर पर दर्ज की जाती है. उन्होंने कहा कि लापता लोगों को ढूंढने का विशेष अभियान जारी रहेगा.

12 सालों में 18 हजार 571 लोग हुए लापता
पुलिस के मुताबिक वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में पिछले 12 वर्षों के दौरान (2008 से 31 जुलाई 2020 तक) 18,571 लापता व्यक्तियों का रिकार्ड दर्ज है. इनमें से अब तक 16,958 व्यक्तियों का पता लगाया जा चुका है और शेष 1,613 व्यक्ति अभी भी लापता हैं. डीजीपी ने कहा कि हिमाचल में खोजे गए व्यक्तियों का कुल प्रतिशत 91.31% है, जो काफी संतोषजनक है.

दो विशेष अभियान
वर्ष 2013 में हिमाचल पुलिस द्वारा दो विशेष अभियान चलाए गए थे और कुल 304 लापता व्यक्तियों का पता लगाया गया. इसके बाद साल 2015 से 2016 के दौरान लापता बच्चों का पता लगाने के लिए राष्ट्रव्यापी विशेष अभियान शुरू किया गया, जिन्हें ऑपरेशन स्माइल (Operation Smile) और ऑपरेशन मुस्कान (Operation Muskan) के नाम से चलाया गया. इन अभियानों के दौरान 51 लापता बच्चों का पता लगाया गया.

खोजी दल में इतने लोग
इन खोजी अभियानों की उल्लेखनीय उपलब्धि के बाद, हिमाचल पुलिस ने राज्य सीआईडी की देखरेख में हर साल प्रदेश में इस तरह के खोजी अभियान शुरू करने का फैसला किया और अभियान काफी सफल रहे. इसी कड़ी में इस वर्ष एक विशेष अभियान 1 अगस्त 2020 से 31 अगस्त 2020 तक चलाया गया. जिसके दौरान 39 गैर सरकारी संगठनों (NGO’s) , 38 हेड कांस्टेबल, 89 कांस्टेबल, 46 लेडी कांस्टेबलों और 14 गृह रक्षकों सहित विभिन्न मण्डल स्तरों पर खोजी टीमों का गठन किया गया. इन टीमों ने 994 आश्रय घरों, प्लेटफार्मों, बस स्टैंड, धार्मिक स्थानों आदि का दौरा किया और बच्चों सहित 615 व्यक्तियों की जांच की.

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गुमशुदा पोर्टल
यहां बता दें कि महिला एवं  बाल विकास मंत्रालय ने एक राष्ट्रीय पोर्टल 'ट्रैक चाइल्ड' (Track the missing child) विकसित किया है, जिसमें न केवल लापता बच्चों का ब्यौरा दर्ज है बल्कि विभिन्न बाल देखभाल संस्थानों (Child Care Institution)  में सेवाओं के लाभार्थी बच्चों की प्रगति की निगरानी के लिए एक लाइव डाटाबेस/ब्यौरा भी उपलब्ध है. "खोया-पाया पोर्टल" मोबाइल ऐप गुमशुदा बच्चों की रिपोर्ट करने के लिए एक नागरिक ट्रैक चाइल्ड पोर्टल है, जो पुलिस स्टेशन में बिना शिकायत दर्ज करवाये लापता बच्चों को ढूंढने में मदद करता है.
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