लाइव टीवी
Elec-widget

कोटखाई दुष्कर्म-मर्डर: IG जैदी, SP नेगी और DSP जोशी सस्पेंशन का रद्द, हुए बहाल

Pradeep Thakur | News18 Himachal Pradesh
Updated: November 26, 2019, 10:31 AM IST
कोटखाई दुष्कर्म-मर्डर: IG जैदी, SP नेगी और DSP जोशी सस्पेंशन का रद्द, हुए बहाल
सूरज लॉकअप हत्याकांड में आरोपी आईजी एच जहूर जैदी, डीएसपी मनोज जोशी और शिमला के एसपी रहे डीएसडब्ल्यू नेगी. (FILE PHOTO)

Shimla-Kotkhai rape and Murder: कोटखाई के गुड़िया मामले से जुड़े सूरज लॉकअप हत्याकांड (Lock Up Murder) में आईजी जैदी सहित कुल नौ पुलिस कर्मी आरोपी हैं. ये सभी गुड़िया केस (Gudia Rape and Murder Case) में आरोपी सूरज के हत्याकांड के षड़यंत्र को लेकर आरोपी हैं.

  • Share this:
शिमला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के शिमला में कोटखाई दुष्कर्म और मर्डर केस (Shimla Kotkhai Gang rape and Murder Case) से जुड़े सूरज लॉकअप हत्याकांड (Suraj Lockup Murder Case) में सस्पेंड चल रहे आरोपी आईजी एच जहूर जैदी (IG Jahoor H. Jaidee), डीएसपी मनोज जोशी और शिमला (Shimla) के एसपी रहे डीएसडब्ल्यू नेगी को बहाल कर दिया गया है. हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से इनकी बहाली के आदेश जारी किए गए हैं. करीब 16 माह तक जेल में रहने बाद तीनों को जमानत मिली थी. इसी कारण इनकी बहाली हुई है. सूरज हत्याकांड का ट्रायल चंडीगढ़ में चल रहा है.

पूरी पुलिस एसआईटी गिरफ्तार
सूरज हत्याकांड (Suraj Murder Case) में 29 अगस्त 2017 को सीबीआई टीम ने आईजी जहूर जैदी, शिमला के पूर्व एसपी डीडब्ल्यू नेगी, ठियोग डीएसपी मनोज जोशी, कोटखाई के पूर्व एसएचओ राजिंदर सिंह, एएसआई दीप चंद, हेड कांस्टेबल सूरत सिंह, मोहन लाल, रफिक अली और कांस्टेबल रंजीत को गिरफ्तार किया था. इनके खिलाफ शिमला की सीबीआई कोर्ट में केस चल रहा था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने केस को चंडीगढ़ ट्रांसफर कर दिया था. वहीं, गुड़िया गैंगरेप और मर्डर मामला शिमला में विचाराधीन है. इस मामले में सीबीआई ने एक आरोपी गिरफ्तार किया है.

सीएम की मंजूरी के बाद निलंबन रद्द

कोटखाई के गुड़िया मामले से जुड़े सूरज लॉकअप हत्याकांड में आईजी जैदी सहित कुल नौ पुलिस कर्मी आरोपी हैं. ये सभी गुड़िया केस में आरोपी सूरज के हत्याकांड के षड़यंत्र को लेकर आरोपी हैं. आईजी जैदी को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी. वहीं, डीएसपी मनोज जोशी और एसपी नेगी को हाईकोर्ट से जमानत मिली हुई है. दो बार इनके सस्पेंशन को बढ़ाया गया था. अब मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद गृह विभाग ने इनकी बहाली के आदेश दिए हैं. 29 अगस्त 2017 को आठ पुलिस कर्मियों को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था. बाद में शिमला के तत्कालीन एसपी डी डब्ल्यू नेगी की गिरफ्तारी हुई थी.

आरोपी आईजी जैदी के साथ डीएसपी मनोज जोशी. (FILE PHOTO)
आरोपी आईजी जैदी के साथ डीएसपी मनोज जोशी. (FILE PHOTO)


ये है पूरा मामला
Loading...

4 जुलाई 2017 को कोटखाई की एक छात्रा स्कूल से लौटते वक्त लापता हो गई थी. इसके बाद 6 जुलाई को कोटखाई के जंगल में बिना कपड़ों के लाश मिली थी. छात्रा की गैंगरेप के बाद हत्या कर दी गई थी. मामले में छह आरोपी पकड़े गए थे. इनमें राजेंद्र सिंह उर्फ राजू, हलाइला गांव, सुभाष बिस्ट (42) गढ़वाल, सूरज सिंह (29) और लोकजन उर्फ छोटू (19) नेपाल और दीपक (38) पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार शामिल थे. इनमें से सूरज की कोटखाई थाने में 18 जुलाई 2017 की रात को हत्या कर दी गई थी. आरोप है कि राजू की सूरज से बहस हुई और उसके बाद राजू ने उसकी हत्या कर दी. सीबीआई ने इन दोनों मामलों में केस दर्ज किया है.

ये भी पढ़ें: हिमाचल हाईकोर्ट पहुंचा पटवारी भर्ती की लिखित परीक्षा का मामला

कोटखाई गैंगरेप-मर्डर: फोरेंसिक एक्सपर्ट के बयान के बाद फिर घेरे में CBI जांच

सुंदरनगर में फिल्मी स्टाइल में लुढ़कती हुई कार नेशनल हाईवे-21 पर जा पहुंची

PHOTOS: ‘ब्रह्मास्त्र’ के लिए ‘नागिन’ के साथ मनाली पहुंचे रणबीर-आलिया भट्ट

हिमाचल में फिर रुलाने लगा प्याज, 100 रुपये के करीब पहुंची कीमतें

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए शिमला से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 26, 2019, 9:39 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...