सरकार की नींद टूटी, शिमला शहर में अवैध पार्किंग पर होगी कार्रवाई

शिमला शहर में रोज़ाना 1,65,000 वाहन चलते हैं जिसके कारण लोगों की सुविधा के लिए वैकल्पिक सड़कों के निर्माण की आवश्यकता है.

News18 Himachal Pradesh
Updated: July 2, 2019, 1:23 PM IST
सरकार की नींद टूटी, शिमला शहर में अवैध पार्किंग पर होगी कार्रवाई
शिमला में अधिकारियों के साथ मीटिंग करते सीएम.
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Updated: July 2, 2019, 1:23 PM IST
बड़ी घटनाओं के बाद सरकार की नींद टूटती है. इस बार भी टूटी है. शिमला में सोमवार को एचआरटीसी की स्कूल बस हादसे के बाद सीएम जयराम ठाकुर ने रोड सेफ्टी को लेकर बड़े अधिकारियों के साथ मीटिंग की.

सीएम जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा पर वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में फैसला हुआ कि शिमला शहर में सड़कों पर केवल एक तरफ पीली लाइन पर ही वाहनों की पार्किंग की अनुमति दी जाएगी. अनाधिकृत पार्किंग पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि शिमला में अधिकृत पार्किंग और अनाधिकृत पार्किंग क्षेत्र के साइन बोर्ड लगाए जाएंगे.

पार्किंग स्थलों के निर्माण में तेजी
शिमला में चल रहे तीन बड़ी पार्किंग स्थलों को विकसित करने के कार्य में तेजी लाई जाएगी, जबकि जिला प्रशासन व नगर निगम शिमला विशेषकर आवासीय क्षेत्रों में पार्किंग विकसित करने के लिए जगह चिन्हित करेंगे. इससे लोगों को जहां पर्याप्त पार्किंग की सुविधा उपलब्ध होगी, वहीं शहर की सड़कों पर यातायात की व्यवस्था भी सुचारू बनी रहेगी.

10 जुलाई तक स्थल चिन्हित करें
जय राम ठाकुर ने शिमला जिला प्रशासन और नगर निगम को 10 जुलाई तक ऐसे स्थल चिन्हित करने के भी निर्देश दिए जहां सड़क के किनारे पीली रेखा के साथ छोटी-छोटी पार्किंग विकसित की जा सकें. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लोगों को अपने घरों के सैटबैक के दायरे में निजी पार्किंग विकसित करने के पहलू पर विचार करेगी. उन्होंने कहा कि सभी सरकारी कार्यलयों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अपने वाहनों के लिए उनके पास पर्याप्त पार्किंग स्थल हो ताकि सड़कों पर वाहनों को खड़ा करने की आवश्यकता न रहे. उन्होंने कहा कि ऐसे स्थलों पर 50 मीटर के दायरे में पार्किंग की अनुमति नहीं दी जाएगी, जहां स्कूली विद्यार्थी अपनी स्कूल बसों से उतरते और चढ़ते हैं.

शिमला में रोजाना चलते हैं 1.65 लाख वाहन
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मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में लोगों को सड़क सुरक्षा के सम्बन्ध में जागरूक करने के लिए बड़े स्तर पर जागरूकता, शिक्षा एवं सम्पर्क गतिविधियां चलाई जाएंगी. राज्य में सभी तंग सड़कों को चिन्हित कर उन्हें चौड़ा करने के लिए कदम उठाए जाएंगे. बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि शिमला शहर में रोज़ाना 1,65,000 वाहन चलते हैं जिसके कारण लोगों की सुविधा के लिए वैकल्पिक सड़कों के निर्माण की आवश्यकता है.

शिमला बस हादसे में पाचं लाख मुआवजा
मुख्यमंत्री ने शिमला में एक स्कूल बस दुर्घटना पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि मृतकों के परिवारों को पांच लाख रुपये की राशि दी जा रही है तथा घायलों को निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई गई है. उन्होंने कहा कि परिवहन वाहनों की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाएगा तथा किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

ये पहुंचे थे बैठक में
बैठक में शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज और परिवहन मंत्री गोविन्द ठाकुर, शिमला की मेयर कुसुम सदरेट, उपमहापौर राकेश शर्मा, मुख्य सचिव बीके अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. श्रीकान्त बाल्दी व आर.डी. धीमान, प्रधान सचिव, परिवहन जे.सी. शर्मा, प्रधान सचिव राजस्व, ओंकार शर्मा, डीजीपी एसआर मरडी और अन्य मौजूद थे.

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First published: July 2, 2019, 10:01 AM IST
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