हिमाचल: प्रवेश परीक्षा लेने की छात्र संगठनों की मांग खारिज, मेरिट के आधार पर ही PG में मिलेगा एडमिशन

एचपीयू में करीब 30 पीजी, डिप्लोमा और अन्य कोर्सों में प्रवेश परीक्षा के लिए प्रशासन ने आवेदन मांगे थे. (File Photo)
एचपीयू में करीब 30 पीजी, डिप्लोमा और अन्य कोर्सों में प्रवेश परीक्षा के लिए प्रशासन ने आवेदन मांगे थे. (File Photo)

एचपीयू के कुलपति प्रोफेसर सिकंदर कुमार ने साफ किया है कि वर्तमान स्थिती को देखते हुए एंट्रेंस एग्जाम (Entrance exam) करवाना संभव नहीं है. देश के कई विश्वविद्यालयों में मेरिट के आधार पर ही दाखिले दिए जा रहे हैं.

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शिमला. कोविड-19 (Corona) के इस दौर में पीजी (PG) में एडमिशन के लिए प्रवेश परीक्षा करवाने की छात्र संगठनों की मांग को एचपीयू (HPU) प्रशासन ने खारिज कर दिया है. पीजी में दाखिला मेरिट के आधार पर ही मिलेगा.

दरअसल, छात्र संगठनों की दलील थी कि पीजी और यूजी की परीक्षाएं करवाई गईं. लेकिन जब प्रवेश परीक्षा की बात आई तो कोविड का हवाला दिया जा रहा है. एंट्रेस एग्जाम (Entrance exam) न होने से न केवल गुणवत्ता में कमी आएगी, बल्कि कई महीनों से तैयारी कर रहे छात्रों के साथ अन्याय होगा.

हालांकि एचपीयू के कुलपति प्रोफेसर सिकंदर कुमार ने साफ किया है कि वर्तमान स्थिती को देखते हुए एंट्रेंस एग्जाम करवाना संभव नहीं है. देश के कई विश्वविद्यालयों में मेरिट के आधार पर ही दाखिले दिए जा रहे हैं.



कुलपति ने कहा कि यूजीसी का निर्देश है कि 30 अक्तूबर तक प्रवेश प्रकिया पूरी करनी होगी. और 1 नवंबर से नया सत्र शरू करना होगा. ऐसी परिस्थिति में अगर प्रवेश परीक्षाएं करवानी होंगी तो कम से कम दो महीने का वक्त लगेगा.
उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी प्रशासन प्रवेश परीक्षाएं करवाने को लेकर पूरी तरह से तैयार था. लेकिन अब नए निर्देशों के तहत ये संभव नहीं है.

ऑनलाइन होगी काउंसलिंग

दाखिले के लिए अंडर ग्रेजुएशन के फाइनल ईयर के परीक्षा परिणाम जल्द घोषित होंगे. उसके बाद कॉउंसलिंग करवाई जाएगी. वीसी के मुताबिक ऑनलाइन ही कॉउंसलिंग होगी और जहां पर छात्र के दस्तावेज या अन्य चीजों के वैरिफिकेशन के लिए छात्र को व्यक्तिगत तौर पर रहने की जरूरत होगी. उसी स्थिति में उसे एचपीयू बुलाया जाएगा.

हजारों छात्रों ने किया है आवेदन

आपको बता दें कि एचपीयू में करीब 30 पीजी, डिप्लोमा और अन्य कोर्सों में प्रवेश परीक्षा के लिए प्रशासन ने आवेदन मांगे थे. अनुमान है कि लगभग 15 हजार के आसपास छात्रों ने आवेदन किया था. अब मेरिट के आधार पर ही इन छात्रों को प्रवेश मिलेगा. वहीं दूसरी ओर छात्र संगठन लगातार मांग कर रहे हैं कि जिस तरह यूजी और पीजी की परीक्षाएं हुई हैं, उसी तरह प्रवेश परीक्षाएं भी होनी चाहिए.

केवल बीएड के लिए होगी प्रवेश परीक्षा

यूनिवर्सिटी प्रशासन ने फैसला लिया है कि केवल बीएड कोर्स में दाखिले के लिए पूर्व निर्धारित शेड्यूल के तहत ही प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी. 27 अक्तूबर को होने वाली इस प्रवेश परीक्षा की मेरिट के आधार पर ही एचपीयू से एफिलेटिड सरकारी और निजी संस्थानों में दाखिला दिया जाएगा.
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