भारत-चीन तनाव: हिमाचल में रोहतांग के बाद अब शिंकुला दर्रे पर बनेगी 13.5 Km लंबी टनल

शिंकुला टनल के नोर्थ पोर्टल पर पहुंची टीम.
शिंकुला टनल के नोर्थ पोर्टल पर पहुंची टीम.

Shinkula Tunnel: मौजूदा समय में रोहतांग पास पर अटल टनल बनकर तैयार हो गई है. 9.2 किमी लंबी इस टनल का उद्घाटन 3 अक्‍टूबर को पीएम नरेंद्र मोदी करेंगे. 10 हजार फीट की ऊंचाई पर यह टनल बनी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 23, 2020, 8:37 AM IST
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शिमला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में एक और टनल (Tunnel) का निर्माण होने जा रहा है. भारत-चीन के बीच बढ़ते तनाव के बीच रक्षा मंत्रालय मनाली लेह-मार्ग की सामरिक महत्व को देखते हुए अटल टनल रोहतांग के बाद शिंकुला दर्रे (Shinkula Pass) में टनल बनाने के लिये प्रक्रिया तेज कर दी है. 16000 फीट की ऊंचाई पर बनने वाली 13.5 किमी लंबी टनल दुनिया की सबसे लंबी टनल होगी. इस टनल के पूरा होने से चीन पर बेहतर तरीके से नजर रखी जा सकेगी. साथ ही सेना का आवागमन भी सीमाई इलाकों में निर्बाध तरीके से संभव हो सकेगी.

टीम ले रही जायजा
भूतल परिवहन मंत्रालय के अधीन राष्टीय उच्च मार्ग एवं अधोसंरचना विकास प्राधिकरण की टीम ने शिंकुला टनल की रूपरेखा तैयार की है. हाल ही में बीते सप्ताह राष्टीय उच्च मार्ग एवं अधोसंरचना विकास प्राधिकरण के प्रबंध निदेशक एवं कार्यकारी निदेशक संजीव मलिक ने शिंकुला टनल नॉर्थ पोर्टल पहुंच कर भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण कार्य का जायजा लिया, ताकि शिंकुला टनल का कार्य की डीपीआर जल्द रक्षा मंत्रालय को सौंपी जाए. इस टनल के बनने के बाद लेह के लिये 12 महीने सड़क सुविधा उपलब्ध होगी .

क्या बोले अधिकारी
प्राधिकरण के कार्यकारी निदेशक संजीव मलिक ने बताया कि शिंकुला टनल का डीपीआर बना रहे हैं, जिसमे भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण सहित डिजाइन का कार्य चल रहा है. सलाहकारों ने 13.5 किलोमीटर लंबी टनल की सिफारिश की है, जिसपर आगे बढ़ते हुए काम चल रहा है. उम्मीद है कि 10 अक्टूबर तक सारी प्रकिया पूरी करते हुए अक्‍टूबर के अंत और नवम्बर में रिपोर्ट रक्षा मंत्रालय को सौपेंगे. साथ ही दिसम्बर माह तक टेंडर लग जाएगा.



Atal Tunnel, rohtang
अटल टनल रोहतांग.


क्या फायदा होगा
टनल की महत्व के बारे में मलिक ने बताया कि इस टनल बनने के बाद जांस्कर और करगिल, लेह इलाके में 12 माह गड़ियां चल सकेंगी. लेह-लद्दाक के करगिल के करज्ञा गांव के लोग टनल बनने की खबर से बेहद उत्साहित हैं. उन्होंने बताया कि पहले सड़क सुविधा न होने से बड़ी दिक्कतें आती थी. घोड़ों पर चलना व सामान लाना पड़ता था. अब सड़क बनी तो सुविधा मिली है, लेकिन अब टनल बनने की खबर से जांस्कर इलाके में बहुत उत्साह है.

ये चुनौतियां खत्म
टनल के बनने से शिंकुला 16600 फीट, बारालाचा 16040 फीट और लाचुंगला 16600 फीट ऊंचे जैसे दर्रों को पार करने चुनौतियां खत्म हो जाएंगी. यात्रा में करीब पांच से 8 घंटे कम लगेंगे. मौजूदा समय में मनाली से लेह की दूरी 474 किमी है, जबकि इसी रूट से कारगिल 690 किमी है. शिंकुला दर्रा होकर मनाली-कारगिल की दूरी 515 किमी है. टनल बनने से यह सफर 70 किमी कम होगा.

रोहतांग पास.


रोहतांग में 10 हजार फीट पर टनल
मौजूदा समय में रोहतांग पास पर अटल टनल बनकर तैयार हो गई है. 9.2 किमी लंबी इस टनल का उद्घाटन 3 अक्तूबर को पीएम नरेंद्र मोदी करेंगे. 10 हजार फीट की ऊंचाई पर यह टनल बनी है. इस पर 3200 करोड़ रुपये की लागत आई है. टनल को बनाने में 10 साल का वक्त लगा है. टनल निर्माणा से मनाली और लेह के बीच का सफर 46 किमी कम हो गया है.
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