सोलन हादसे के बाद हिमाचल सरकार जागी, पूरे सूबे के अनसेफ भवनों की मांगी रिपोर्ट

हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के कुम्हारहट्टी-नाहन मार्ग पर रविवार को एक  बहुमंजिला इमारत ढहने से 14 लोगों की मौत हो गई, वहीं, 28 लोगों को रेस्क्यू किया गया था. मृतकों में 13 फौजी जवान, जबकि एक महिला शामिल है.

Pradeep Thakur | News18 Himachal Pradesh
Updated: July 17, 2019, 10:12 AM IST
सोलन हादसे के बाद हिमाचल सरकार जागी, पूरे सूबे के अनसेफ भवनों की मांगी रिपोर्ट
शिमला का एक जर्जर भवन.
Pradeep Thakur | News18 Himachal Pradesh
Updated: July 17, 2019, 10:12 AM IST
हिमाचल के सोलन के कुमारहट्टी में चार मंजिला भवन के धराशायी होने के बाद अब प्रदेश सरकार ने असुरक्षित भवनों और खतरनाक ढलानों पर बने भवनों की प्रदेश सरकार ने रिपोर्ट मांगी है. शहरी विकास एवं टीसीपी मंत्री सरवीण चौधरी ने अपने अधीन क्षेत्रों का सभी डीसी से ब्यौरा मांगा है, जिसमें असुरक्षित घोषित किए गए सभी भवनों की सूची मांगी गई है. इसमें सरकारी और निजी तमाम भवनों की सूची मांगी गई है. जिसमें नए और पुराने सभी भवनों की जानकारी देनी होगी.

मंत्री ने डीसी से मांगी रिपोर्ट
सरवीण चौधरी ने प्रधान सचिव टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीसीपी) के माध्यम से सभी जिलों के डीसी को इस संबंध में रिपोर्ट देने को कहा है. कैबिनेट मंत्री सरवीण चौधरी ने यह भी कहा कि लोग भी सस्ती जमीन के चक्कर में सही स्लोप पर जमीन नहीं खरीदते हैं. इसके लिए लोगों को जागरूक करने की जरूरत है, ताकि जमीन की ढलान सही हो अन्यथा कुमारहट्टी जैसे हादसे होंगे. टीसीपी विभाग अपने स्तर पर भी लोगों को जागरूक करने की कोशिश करेगा.

शिमला में अनसेफ मकान.


ये हुआ था कुमारहट्टी में
हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के कुम्हारहट्टी-नाहन मार्ग पर रविवार को एक  बहुमंजिला इमारत ढहने से 14 लोगों की मौत हो गई, वहीं, 28 लोगों को रेस्क्यू किया गया था. मृतकों में 13 फौजी जवान, जबकि एक महिला शामिल है. जानकारी के अनुसार, हादसे के दौरान इस चार मंजिला ढाबे के अंदर कुल 42 लोग थे. इनमें 30 सेना के जवान और 12 सिविलियन थे. सेना के 30 जवानों में से जहां 13 की मौत हो गई, वहीं रेस्क्यू किए गए 12 आम नागरिकों में से एक महिला को जान से हाथ धोना पड़ा.

सोलन में गिरा चार मंजिला मकान. (फाइल फोटो)

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शिमला में यहां-यहां खतरा
शिमला निगम प्रशासन के अनुसार शहर में 300 से ज्यादा भवन ऐसे भी हैं, जो जर्जर हालत में पहुंच चुके हैं. ज्यादातर पुराने भवन लोअर बाजार, रामबाजार, कृष्णानगर, लक्कड़ बाजार, सब्जी मंडी एरिया में है. इन इलाकों में बारिश के दौरान जहां भारी भूस्खलन का खतरा रहता है तो मुख्य बाजार होने के कारण सबसे ज्यादा भीड़-भाड़ भी यहीं रहती है. जर्जर हो चुके कई भवन कभी भी धराशायी होकर बड़ी तबाही मचा सकते हैं.  राजीव शर्मा, आर्किटेक्ट प्लानर, नगर निगम शिमला के अनुसार, 40 से ज्यादा अनसेफ भवन शहर पर खतरा बनकर मंडरा रहे हैं. ये कभी भी ढह सकते हैं. शहर में कई भवन ऐसे भी हैं जो सालों पहले अनसेफ घोषित हो चुके हैं, लेकिन मालिकों और किरायेदारों के विवाद के चलते ये आज तक खाली नहीं किए गए.

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सोलन हादसा: रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म, 13 जवानों समेत 14 की मौत
First published: July 17, 2019, 9:45 AM IST
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